
Property Registration: छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन कराने का चलन तेजी से बढ़ा है। सरकार की ओर से पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने के बाद इसका असर आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। 6 मई से 27 जुलाई 2026 के बीच महिलाओं के नाम कुल 30,720 संपत्ति दस्तावेज पंजीकृत किए गए। वहीं, पिछले साल इसी अवधि में 20,319 दस्तावेज दर्ज हुए थे। इस तरह एक साल में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में करीब 51 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस अवधि में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में करीब 51 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलने से लोगों को आर्थिक राहत मिली है, जिसके चलते अब अधिक परिवार संपत्ति महिलाओं के नाम पर दर्ज कराने में रुचि दिखा रहे हैं। इससे महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी बढ़ने के साथ उनके आर्थिक अधिकार भी मजबूत होने की उम्मीद है।
महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर 50 प्रतिशत शुल्क छूट से नागरिकों को बड़ा आर्थिक लाभ मिला है। इस अवधि में लोगों को कुल 76 करोड़ 95 लाख 33 हजार 689 रुपये, यानी करीब 76.95 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष बचत हुई है।
सरकार की ओर से पंजीयन शुल्क में दी जा रही छूट से महिलाओं के नाम संपत्ति दर्ज कराने को बढ़ावा मिला है। इसके चलते परिवारों में संपत्ति के स्वामित्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। पंजीयन के बढ़ते आंकड़े बताते हैं कि लोग इस सुविधा का लाभ उठाकर संपत्ति महिलाओं के नाम पर कराने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।
महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन बढ़ने से उनके आर्थिक और संपत्ति संबंधी अधिकारों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। पंजीयन शुल्क में छूट के कारण परिवारों के लिए जमीन, मकान या अन्य संपत्ति महिलाओं के नाम पर दर्ज कराना पहले की तुलना में अधिक आसान और किफायती हो गया है। इससे महिलाओं की संपत्ति में हिस्सेदारी बढ़ने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होने की संभावना है।