रायसेन

डेंगू के चार नए मरीज मिले, जिले में अब तक मिल चुके हैं अठारह मरीज

जिले में तेजी से फैल रहीं संक्रामक बीमारियों की वजह से आमजनों की चिंता बढऩे लगी है

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Raisen Due to the spread of infectious diseases in the district, the concern of the masses has increased, but even after all the complaints, the patients should be treated in government hospitals, at present the medical facilities are proving to be inadequate.

रायसेन. जिले में तेजी से फैल रहीं संक्रामक बीमारियों की वजह से आमजनों की चिंता बढऩे लगी है, लेकिन तमाम शिकवा शिकायतों के बाद भी जिस हिसाब से मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधा होना चाहिए, फिलहाल यह चिकित्सा सुविधाएं नाकाफी साबित हो रही हैं, जिसके चलते मरीजों का इलाज उनके परिजन बड़े शहरों में पहुंचकर कराने के लिए मजबूर हैं। जिले में मच्छरों से होने वाली बीमारियां डेंगू, जापानी बुखार, स्वाइन फ्लू, चिकनगुनिया और मलेरिया पैर पसारने लगी हंै।

खतरे की बात यह है कि इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक माने जाने वाले डेंगू के मरीजों का मिलना है। इनमें चार नये डेंगू के मरीज जुड़ गए हैं। इससे जिला स्वास्थ्य विभाग समेत मलेरिया महकमे के अधिकारियों की परेशानियां फिर बढ़ गई हैं।

डेंगू का ग्राफ बढ़ा, मिले अठारह मरीज
जिले की तहसील बरेली के जनकपुर गांव निवासी दीपक कुमार पुत्र राधेश्याम उम्र 20 वर्ष को भोपाल के एक हास्पिटल में डेंगू पॉजीटिव बताया गया है। इसी तरह तहसील बरेली के खमरिया निवासी रामभरोसे की ५ वर्षीय पुत्री खुशी को भी डेंगू होना पाया गया है। जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स अंबिका पुत्री मंगल सिंह निवासी वार्ड 4 कलेक्ट्रेट कॉलोनी को भी डेंगू हो गया है। गांधी चौक मंडीदीप निवासी मनीष कुामर पुत्र महेश कुमार उम्र 20 की जांच रिपोर्ट में डेंगू पॉजीटिव मिला है।

अब तक जिलेभर में डेंगू के 18 मरीज सामने आ चुके हैं। नए मरीजों की सूचना मिलने पर सीएमएचओ डॉ. दिलीप कटैलिया और जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रियंवदा गुप्ता, बाबु अवध नारायण सिंगरौली ने अमले समेत मौके पर पहुंचकर शिविर लगाया और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया।

ये हैं इलाज के इंतजाम...

संक्रामक रोग होने के बावजूद शासकीय जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों को अन्य रोगों के मरीजों के साथ मेडिकल वार्ड में ही भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। हैरत की बात तो यह है कि डॉक्टर भी स्वीकार कर रहे हैं कि डेंगू के मरीजों को अन्य मरीजों के साथ रखने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन ऐसी स्थिति में मरीज को मच्छरदानी के अंदर रखना जरुरी है।

किट भरोसेमंद नहीं
उधर जिले का मलेरिया महकमा इन दोनों मरीजों को डेंगू का मरीज मानने से ही इंकार कर रहा है। सीएमएचओ डॉ. कटैलिया का इस संबंध में कहना है के कि ट टेस्ट को विभाग मान्यता नहीं देता जब तक सरकारी लैब में सैंपल पॉजीटिव नहीं आता तब तक डेंगू पाजीटिव नहीं माना जा सकता है।

जापानी बुखार से दो की मौत, छह पीडि़त
जिले में संक्रामक बीमारियां कहर ढाने लगी हैं। अभी तक जापानी बुखार से पीडि़त आठ मरीज मिले हैं। इनमें दो बच्चों की मौत हो चुकी हैं। चिकनगुनिया के ६, स्वाइन फ्लू के 2 मरीज मिले हैं। मलेरिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक जिलेभर के अस्पतालों में अभी तक मलेरिया की रक्त समूह की 1 लाख 34 हजार 500 स्लाइडें बनाई गईं। 172 मरीज मलेरिया के मिले हैं और फेल्सीफेरम मलेरिया के ६ मरीज मिले हैं।

जिले में संक्रामक बीमारियों से निपटने के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में भर्ती डेंगू के मरीज को अभी संदिग्ध ही माना जाएगा। आज खून का सैंपल लेकर उसकी लैब में जांच कराई जाएगी।
डॉ. प्रियवंदा गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी

Published on:
02 Nov 2018 02:04 am
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