Gauharganj News : नाराज ग्रामीणों ने मस्जिद में फैंके पत्थर, हाईवे जाम किया तो पुलिस ने बरसाईं लाठियां। 6 साल की मासूम बिटिया को दर्द देने वाले दरिंदे के लिए फांसी मांग लेकर सड़क पर उतरे लोग।
Gauharganj News : मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज के अंतर्गत आने वाले गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के छठे दिन बाद बुधवार रात तक भी आरोपी सलमान को पकड़ने में पुलिस असफल रही। पुलिसिया लापरवाही पर सरकार ने रायसेन एसपी पंकज पांडेय को हटा दिया। लेकिन, हिंदू संगठनों के आह्वान पर बुधवार को करीब 8000 से ज्यादा लोग एकजुट हो गए। इनमें बड़ी तादाद में महिलाएं थीं। गौहरगंज स्कूल में जुटे लोगों ने सभा की। विहिप के हरिओम शर्मा, हिंदू जागरण मंच के मनीष उपाध्याय व कथावाचक साध्वी रंजना ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की।
उन्होंने पीड़िता मासूम बेटी के दर्द की भी बात कही। दोपहर 2 बजे प्रभारी कलेक्टर तन्मय वशिष्ठ शर्मा और नए एसपी आशुतोष ने मंच पर जाकर ज्ञापन लिया। हिंदू संगठन-भाजपा पदाधिकारी मौके से निकले। इसी बीच 2000 युवाओं ने स्कूल से लगी मस्जिद में पत्थर फेंकने शुरु कर दिए। पुलिस ने रोका तो विवाद बढ़ गया। लोगों ने पथराव किया। कुछ ने तारानगर के पास हाईवे जाम कर दिया। लगातार हालात बिगड़ते देख पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा। भीड़ नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का गोला तक छोड़ना पड़ा भारी तनाव के बीच गांव में बड़ी तादाद में बल तैनात रहा। लोग घरों में हैं और कर्फ्यू के हालात हैं। फिलहाल, मंडीदीप तक कई निजी स्कूल और बाजार बंद हैं।
पुलिस ने गौहरगंज से लोगों को खदेड़ा तो भीड़ तारानगर के पास हाईवे पर जाकर बैठ गई। इससे जाम लग गया। मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद लोग भागे। हालांकि पांच दिन से थाने के सामने धरने पर बैठीं युवतियों ने बुधवार को प्रदर्शन खत्म कर दिया।
एम्स भोपाल में भर्ती रेप पीड़िता बिटिया कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मासूम के परिजन को पार्टी की ओर से हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। वहीं, दूसरी तरफ प्रदेश में दिन दोगुने और रात चौगुने ढंग से बढञ रहे अपराधों पर सरकार को घेरा। पटवारी ने कहा कि, 'प्रदेश में कानून व्यवस्था नहीं बची। राज्य में रोजाना बेटियों से अपराध हो रहे हैं। इसने प्रदेश का सिर शर्म से झुका दिया है। राज्य में कानून नाम की कोई चिड़िया नहीं बची। ये चिंताजनक है। एसपी, टीआई को हटाना समाधान नहीं। अगर ऐसा है तो सारे एसपी बदल दीजिए। प्रदेश में महिला एवं बाल सुरक्षा की विशेष नीति, आधुनिक संसाधन और जवाबदेही आधारित पुलिस व्यवस्था लागू होनी चाहिए।'