MP News: मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में आर्थिक संकट से जूझ रहे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
MP News: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में आर्थिक संकट से जूझ रहे नगर पालिका के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी ने बुधवार की रात अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिक के कर्मचारी बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए और न्याय की मांग को लेकर हंगामा किया।
नगर पालिका रायसेन में जेसीबी चालक के पद पर पदस्थ था। सैलरी न मिलने से मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर ली। वह पिछले तीन महीने से वेतन न मिलने से काफी परेशान था। पुलिस ने बताया कि मनोज ने बुधवार की रात करीब 11 बजे अपने घर में ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कमरे में उसका भांजा भूपेंद्र लोधी सो रहा था। जब उसने मनोज का शव लटका देखा तो वह घबरा गया और तुरंत कोतवाली थाने में सूचना दी। उसके बाद पुलिस और नगर पालिक के कुछ कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मनोज के शव को उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने कर्मचारियों और मृतक के परिजनों को समझाइश दी। शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इधर, नगर पालिका रायसेन के कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हे कभी हर महीने वेतन नहीं मिलता। खासकर त्योहार के समय वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों का संकट बढ़ जाता है। हर कर्मचारी का दो से तीन माह का वेतन अटका रहता है। रक्षाबंधन से पहले वेतन नहीं मिलने से मनोज तनाव में था। जिससे उसने यह कदम उठाया।
नगर पालिका सीएमओ सुरेखा जाटव ने कहा कि शासन स्तर से जो बजट आता है। उसमें से बिजली के बिल कटने के कारण कर्मचारियों को वेतन समय पर नहीं मिल पा रहा है। हालांकि एक पखवाड़े पहले ही कुछ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वेतन वितरित किया है। अब स्थाई कर्मचारियों को भी वेतन उनके खातों में भेज दिया जाएगा। बाकी बचे कर्मचारियों को वेतन जल्द ही जारी करवा दिया जाएगा।