अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ सिलवानी ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर कराया समस्या से अवगत
रायसेन. तहसील सिलवानी के शासकीय मिडिल और हाईस्कूल हायर सेकंडरी स्कूलों मेंं लंबे समय से उर्दू विषय के शिक्षकों की कमी बनीं हुई है। जिससे अल्पसंख्यक समुदाय केे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।यहां पिछले लगभग ढ़ाई दशक से उर्दू विषय के शिक्षकों की कमी बरकरार है। इन स्कूलों में उर्दू विषय के शिक्षकों की पदस्थापना की मांग को लेकर बुधवार को दोपहर अल्प संख्यक प्रकोष्ठ सिलवानी के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय रायसेन पहुंचकर कलेक्टर एस प्रिया मिश्रा को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया गया है। कलेक्टर ने जल्द ही उर्दू विषय के शिक्षकों के बंदोबश्त कराए जाने का आश्वासन दिया है।
सरकारी स्कूलों में उर्दू विषय की पढ़ाई अतिथि शिक्षकों
ज्ञापन सौंपने वालों में मशकूर खान,शरीफ खां,मोहसिन ,जावेद खान,चांदमियां,शेख रहीम, छोटे शाह,शकीला बी,सादिया बी, नूरजहां ,शफा, शालिया,हिना,रूख्सार,चांदनी,शेफ्ता फरहीन,तबस्सुम,रहनुमा,मुस्कान,सायमा आदि ने बताया कि सिलवानी तहसील के इन सरकारी मिडिल हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों में पिछले २०-२५सालों से उर्दू विषयों के शिक्षकों की कमी बनीं है।इस कारण हर साल मुस्लिम समाज के बच्चों की उर्दू विषय की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ता है।वर्तमान में इन सरकारी स्कूलों में उर्दू विषय की पढ़ाई अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रही है।पिछले वर्ष के उर्दू विषय के अतिथि शिक्षकों को इस साल दूसरी जगह के स्कूलों में अटैच कर दिय ागया है।
उर्दू विषय के शिक्षकों के अभाव में छात्रों की पढ़ाई ठप
अब तहसील सर्किल के कई सरकारी स्कूल अतिथि शिक्षक विहीन हो गए हैं। स्कूलों में उर्दू विषय के शिक्षकों के अभाव में छात्रों की पढ़ाई ठप हो गई है।तहसील सिलवानी सर्किल के इन स्कूलों में उर्दू विषय के छात्र-छात्राओं की संख्या करीब ११५० है।लेकिन जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही व उदासीनता के चलते तीन महीनों के बाद भी इन सरकारी स्कूलों में उर्दू विषय के शिक्षकों की जल्द व्यवस्था कराए जाने की अविलंब मांग की है।