गेहूं की फसल को तेज ठंड का इंतजार

गेहूं की बोवनी के लिए निर्धारित लक्ष्य में करीब दस प्रतिशत रकबा छूटा

2 min read
Jan 01, 2017
raisen
रायसेन.
इस बार जिले में लगभग 2.40 लाख हेक्टयेर कृषि भूमि में गेहूं की फसल की बुवाई की गई है। कई स्थानों पर गेहूंं की फसल लगभग दो माह की हो चुकी है और किसान दूसरा पानी देने लगे हैं। वहीं बाड़ी-बरेली क्षेत्र में गेहूं की बोवनी देरी से होने के कारण 15 से 25 दिन की गेहूं फसल हुई है। अब किसान तेज और कड़कड़ाती ठंड पडऩे का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि गेहूं को नमी की आवश्यकता रहती है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी मौसम की बेरुखी सामने आ रही है और ठंड का तेज असर नहीं देखा जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि जल्द मौसम रुख बदलेगा। पिछले सप्ताह सर्द हवाओं के दौर से करीब तीन-चार दिनों तक तेज ठंड का असर रहा था।


बार-बार बदल रहा मौसम

बीते चार-पांच दिनों से हर दिन मौसम का रूख बदल रहा है और दोपहर में तेज धूप लोगों को बैचेन कर रही है। किसान वीर सिंह, तरावली के धर्मेन्द्र अहिरवार, करमोदिया के दरयाव सिंह आदि का कहना है कि गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए ठंडा मौसम रहना जरूरी है। लेकिन अभी तक इस वर्ष गेहूं की फसल के अनुरूप ठंड नहीं पड़ रही है। कृषि विभाग के उप संचालक एके उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल गेहूं की फसल बेहतर स्थिति में है। लेकिन गेहूं की फसल की बढ़त के लिए नमी की अधिक आवश्यकता होती है। इस लिहाज से सर्दी का असर अभी कम है।


28 हजार हेक्टेयर में बोबनी रही

रबी सीजन की सबसे प्रमुख फसल गेहूं की बोबनी का समय 25 दिसंबर तक रहता है। इस वर्ष लगभग दो लाख 70 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन नोटबंद के बाद उपजे आर्थिक हालातों के कारण बोबनी में देरी होती गई। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार लगभग दो लाख 42 हजार हेक्टेयर में गेहूूं की बोबनी हो सकी है। इस तरह लगभग 90 प्रतिशत हिस्से में ही गेहूं की बुवाई की जा सकी है। अब बाकी लगभग 30 हजार हेक्टेयर में फरवरी माह में मूंग की फसल बोबनी की जाएगी।

Published on:
01 Jan 2017 11:45 pm
Also Read
View All