राजगढ़

‘कर्ज चुकाओ या गेहूं बेचना भूल जाओ’, कर्जदार किसानों और व्यापारियों पर प्रशासन की सख्ती

wheat procurement: मध्य प्रदेश में यहां गेहूं उपार्जन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। अब कर्जदार किसान बिना ऋण चुकाए गेहूं नहीं बेच पाएंगे, और जो व्यापारी नियम तोड़ेंगे, उनका पंजीयन रद्द होगा।
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Mar 23, 2025
administration has taken a tough stand on wheat procurement in Rajgarh mp

wheat procurement: राजगढ़ जिले में गेहूं उपार्जन व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन द्वारा लिए गए कड़े फैसले के तहत कालातीत ऋणी किसानों द्वारा सीधे व्यापारियों को गेहूं बेचने की स्थिति में भी उनसे बकाया ऋण की वसूली की जाएगी।

ऋण न चुकाने वाले किसानों की होगी वसूली

कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई किसान बैंकों का कर्ज चुकाए बिना बाजार में अनाज बेचता है, तो उसकी बिक्री से प्राप्त राशि को सीधे ऋण की भरपाई में इस्तेमाल किया जाएगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जो व्यापारी ऋणी किसानों से वसूली में सहयोग नहीं करेंगे, उनका पंजीयन रद्द कर दिया जाएगा।

जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी बड़े व्यापारियों को कालातीत ऋणी किसानों की सूची उपलब्ध कराएं ताकि खरीदी के दौरान उनके ऋण की कटौती हो सके। साथ ही, सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को कृषि उपज मंडियों में व्यापारियों की बैठक लेकर इस निर्णय से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसान बैंकों के बकाए से बचकर निजी व्यापारियों के माध्यम से गेहूं न बेच सकें।

बिना अनुमति गेहूं मंडियों से बाहर नहीं जाएगा

कलेक्टर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि बिना अनुमति के मंडियों से गेहूं बाहर नहीं जाएगा। नागरिक आपूर्ति निगम को निर्देश दिया गया है कि उपार्जित गेहूं के परिवहन पर पूरी निगरानी रखी जाए और पर्याप्त ट्रकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

अन्य राज्यों से गेहूं की अवैध आवक पर रोक

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य राज्यों से गेहूं जिले में उपार्जन के लिए न आने पाए। इसके लिए जिले की सीमाओं पर नाके बनाए जाएंगे, ताकि बाहरी गेहूं की खरीद-बिक्री रुक सके और जिले के किसानों को उचित मूल्य मिल सके।

उपार्जन केंद्रों की होगी सख्त मॉनिटरिंग

शनिवार को आयोजित जिला उपार्जन समिति की बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आगामी दो दिनों के भीतर किसानों के रकबे के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। साथ ही, प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर चार-चार तौल कांटे उपलब्ध कराए जाएं, ताकि तुलाई में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।

कलेक्टर ने कहा कि किसानों को बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि तुलाई से पहले किसानों के घर पर बारदाने न जाएं। खुले में भंडारण किए जा रहे गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि मौसम खराब होने पर अनाज को सुरक्षित रखा जा सके।

1600 से ज्यादा किसानों की सूची जारी

प्रशासन द्वारा ऐसे किसानों की सूची जारी की गई है, जिनके ऊपर लंबे समय से बकाया चल रहा है और जो ऋण राशि जमा नहीं कर रहे। प्रशासन ने 1600 से ज्यादा ऐसे किसानों की सूची सार्वजनिक की है, ताकि कोई भी व्यापारी ऐसे किसानों से गेहूं की खरीदी करने से पहले प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने पर विचार करे।

ऋणी किसानों के नाम पर कोई और न बेच सके फसल

कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि रकबा सत्यापन के दौरान यह भी जांचा जाए कि कहीं ऋणी किसान की फसल किसी और के नाम पर तो नहीं बेची जा रही। इसके लिए किसानों के पंजीयन अपडेट की भी जांच की जाएगी।

Updated on:
23 Mar 2025 02:59 pm
Published on:
23 Mar 2025 02:59 pm