
Rajgarh Prajapati Samaj Protest: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के कलेक्ट्रेट में मंगलवार को प्रजापति समाज के लोगों को कलेक्टर से मिलने के लिए काफी देर तक गेट पर ही मशक्कत करनी पड़ी। समाजजन कलेक्टर को ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे, लेकिन एसडीएम सुशील कुमार उन्हें खुद ज्ञापन देने के लिए कहते रहे। इस दौरान समाजजनों, एसडीएम और थाना प्रभारी के बीच तीखी बहस भी हुई। एसडीएम सुशील कुमार ने साफ कहा- 'कलेक्टर नहीं आते, मुझे ही ज्ञापन दीजिए। रोज कई लोग ज्ञापन देने आते हैं, क्या कलेक्टर यहीं खड़े रहेंगे।' जिसके जवाब में समाज के लोगों ने कहा कि वो कलेक्टर से मिलने आए हैं तो कलेक्टर से मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा है।
इस दौरान प्रजापति समाज के प्रदेश अध्यक्ष आरएन प्रजापति ने एसडीएम से कहा 'ऐसा कौन सा नियम है कि कलेक्टर बाहर नहीं आ सकते। एक बार आ जाएंगे तो काले नहीं पड़ेंगे। जाली पीछे कर देना, लेकिन कलेक्टर को बुला लीजिए। संविधान में ऐसा कोई नियम है तो बता दीजिए।' इस पर एसडीएम ने जवाब दिया कि कलेक्टर ने उन्हें भेजा है और वे ही ज्ञापन लेंगे। समाजजनों ने कहा कि 21 तारीख को भी एसडीएम को ज्ञापन दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण वे इस बार सीधे कलेक्टर को ज्ञापन देने आए थे।
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इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष आरएन प्रजापति की तीखी नोकझोंक टीआई मंजू मखेनिया से हो गई। उन्होंने कहा कि बालक के साथ घटना हुई, परिवार डरा हुआ है। टीआई ने कहा कि हमने एफआइआर की है। इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ये सागर नाम का व्यक्ति आपका रिश्तेदार लगता है क्या? इस पर टीआई गुस्से में आ गईं और कहा कि आप तमीज से बात कीजिए? ये क्या तरीका होता है किसी महिला अधिकारी से बात करने का? आप कौन होते हो यह कहने वाले कि वह रिश्तेदार है? तुम-तुम कर बात कर रहे हो, जरा तमीज नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि मैं तो अनपढ़ हूं दीदी लेकिन कार्रवाई क्यों नहीं की? आप लोग कार्रवाई करते तो हमें यहां नहीं आना पड़ता।
समाज के लोग काफी देर तक कलेक्टर के बाहर आने का इंतजार करते रहे, लेकिन कलेक्टर डॉ. गिरीश मिश्रा चैम्बर से बाहर नहीं आए। आखिरकार समाज के 11 लोगों को ही अंदर जाकर ज्ञापन देने की अनुमति मिली। बाहर खड़े बाकी लोग इंतजार करते रहे। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई, पीड़ित छात्र एवं परिवार को सुरक्षा देने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की। साथ ही प्रशासन से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।