
zee flix app operator arrested indore crime branch, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी प्रेमसिंह गुर्जर (Source-Patrika)
राजगढ़ से राजेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट
Rajgarh ZEE FLIX App Copyright Case: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के माचलपुर थाना क्षेत्र के छोटे से गांव बावड़ीखेड़ा से एक ऐसा डिजिटल नेटवर्क संचालित होने का मामला सामने आया है, जिसके तार इंदौर तक जुड़े हैं। इंदौर क्राइम ब्रांच ने गांव निवासी 30 वर्षीय प्रेमसिंह गुर्जर को ZEE FLIX ऐप के जरिए कॉपीराइट कंटेंट के कथित अनधिकृत प्रसारण के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के मुताबिक ऐप से करीब 20 हजार सब्सक्राइबर जुड़े थे और उन्हें 1000 से अधिक टीवी चैनलों का कंटेंट उपलब्ध कराया जा रहा था।
जियोस्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर क्राइम ब्रांच इंदौर ने मामले की जांच शुरू की। प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर एफआइआर दर्ज की गई। इसके बाद टीम ने प्रेमसिंह गुर्जर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी का पता ग्राम बावड़ीखेड़ा, पोस्ट पिपलिया कुमारी, तहसील जीरापुर, जिला राजगढ़ है।
जांच में सामने आया कि जी-फ्लिक्स ऐप पर करीब 1000 से अधिक टीवी चैनल उपलब्ध थे, जिनमें 50 से ज्यादा लाइव चैनल शामिल बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार ऐप के सब्सक्रिप्शन के लिए 149 और 799 रुपये का भुगतान कराया जाता था। सदस्यता लेने के बाद प्रीमियम कंटेंट समेत विभिन्न टीवी चैनलों और कॉपीराइट सामग्री तक पहुंच मिलती थी। शिकायत की जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने खुद जी-फ्लिक्स ऐप की सदस्यता ली और इसकी कार्यप्रणाली व कंटेंट की उपलब्धता का सत्यापन किया। सदस्यता लेने के बाद कॉपीराइट कंटेंट उपलब्ध होने की पुष्टि हुई। इसके आधार पर क्राइम ब्रांच ने अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग की जांच आगे बढ़ाई।
डिजिटल जांच में ऐप से जुड़े मोबाइल नंबर, ई-मेल आइडी, यूपीआई आइडी, एंड्रॉयड पैकेज और डोमेन-होस्टिंग से जुड़ी जानकारी सामने आई है। पुलिस इन सभी कड़ियों की जांच कर रही है। जांच में हॉट वेब सीरिज नामक एक अन्य एंड्रॉयड ऐप की जानकारी भी सामने आई है। इससे जुड़े लोगों और उसकी गतिविधियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ऐप का संचालन अकेले प्रेमसिंह कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। आरोपी से पूछताछ के साथ उसके मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों, सर्वर लॉग, डोमेन, बैंकिंग और यूपीआई रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी। मामले में आईटी एक्ट, धोखाधड़ी सहित कॉपीराइट अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि हजारों लोगों तक पहुंच बनाने वाला यह कथित डिजिटल नेटवर्क किसी बड़े शहर से नहीं, बल्कि राजगढ़ जिले के जीरापुर क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा सामने आया है। अब जांच इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों और इसके पूरे तकनीकी ढांचे तक पहुंचने पर केंद्रित है।
Updated on:
22 Aug 2026 08:35 pm
Published on:
22 Aug 2026 08:35 pm
