30 जून तक चालू करना है सारंगपुर, दूधी पुल की एक पट्टी, पूरे रोड पर अधूरा है काम
राजगढ़/ब्यावरा. देवास-शिवपुरी फोरलेन के ब्यावरा-देवास प्रोजेक्ट में लगी मजदूर वेस्ट बंगाल में हो रहे चुनाव में जाने से काम अटका हुआ है। सीसी युक्त रोड में लगी तमाम हाईटैक मशीनों के एक्सपर्ट्स और मजदूर इत्यादि वेस्ट बंगाल के ही यहां लगे हुए हैं। ऐसे में उनके नहीं होने से पूरे प्रोजेक्ट का काम लगभग रुका हुआ है। ईपीसी मोड में बनने वाले देवास-ब्यावरा फोरलेन का काम ओरिएंटल प्रालि कर रही है इसमें मजदूर और तकनीकि एक्सपर्ट्स वेस्ट बंगाल के ही हैं।
वहां हाल ही में हुए पंचायत चुनाव के दौरान तमाम वर्कर चले गए। इसीलिए बड़े पुल सहित रोड के सीसीकरण का काम लगभग रूका हुआ है। अब उनके आने के बाद ही रोड को रफ्तार मिलेगी। बता दें कि उक्त प्रोजेक्ट की रफ्तार पहले से ही धीमी है जिसे शुरू से ही गति नहीं मिल पाई है। अब बारिश से पहले कुछ हिस्से का काम एजेंसी पूरा करने के मूड में है।
बारिश से पहले चालू हो जाएंगे दूधी, सारंगपुर पुल
इंदौर रोड पर बारिश में सबसे बड़ी बाधा बनने वाली दूधी और सारंगपुर पुल से वाहन चालकों को राहत मिल सकती है। निर्माण एजेंसी का दावा है कि 30 जून तक दोनों ही पुल की एक पटरी पर ट्रैफिक शुरू कर दिया जाएगा।
सारंगपुर की मौजूदा पुल के बगल में बाइपास पर बनाई जा रही हाईटैक पुल की एक पट्टी का 8 0 फीसदी काम पूरा हो चुका है। वहीं, 60 फीसदी काम दूधी पुल का भी हो गया है। अब लैबर और तकनीकि एक्सपर्ट्स आने के बाद जल्द ही आगे का काम भी होगा।
30 मई तक चालू होगा ब्यावरा बाइपास
इधर, ब्यावरा-गुना फोरलेन के बाइपास वाले हिस्से का काम भी जोरों पर है। निर्माण एजेंसी ने दावा किया है कि 30 मई तक हर हाल में ब्यावरा बाइपास का काम पूरा हो जाएगा।
भोपाल बाइपास का फ्लाईओवर लगभग पूरा हो चुका है, बगल में इंदौर से आना वाला ट्रैफिक निकलने लगा है। साथ ही राजगढ़ चौराहे के फ्लाईओवर भी लगभग पूरा होने की स्थिति में है।
रेलवे स्टेशन तिराहे पर गुना नाके की ओर से काम जोरों पर है। जल्द ही काम पूरा होगा। दीलिप बिल्डकॉन के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर कमलसिंह चौहान ने बताया कि पहले हमें दिक्कत थी,लेकिन तय समयावधि में हम काम पूरा कर लेंगे।
पांच आरोपियों से जब्त की 51 बाइक
हालांकि वेस्ट बंगाल के चुनाव 16 मई को गए, लेकिन वहां पहुंचे लैबर का कहना है कि हमें प्रेशर बनाकर चुनाव में बुलवाया जा रहा है। यहां तक कि चुनाव से पहले हमें निकलने भी नहीं दिया, बंगाल की बॉर्डर पर उनके लोग (नेताओं के लोग) बैठा रखे थे। हमें यहां से बुलाने के लिए धमकी दी जा रही थी कि आप लोग नहीं आए तो आधार कार्ड कैंसल कर दिया जाएगा। ऐसे में देवास-ब्यावरा और ब्यावरा-गुना प्रोजेक्ट में बड़ी संख्या में लगी लैबर वेस्ट बंगाल के लिए रवाना हुई।
हमारी लैबर वेस्ट-बंगाल चुनाव में गई हुई है, इसलिएकाम रुका हुआ है गति नहीं मिल पा रही। जैसे ही लोग आते हैं हम काम शुरू करेंगे। सारंगपुर और दूधी पुल का अधिकतर काम हो चुका है, 30 जून तक उनकी एक पट्टी पर ट्रैफिक चालू कर दिया जाएगा।
-जेके तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर, ओरिएंटल प्रालि, ब्यावरा-देवास फोरलेन प्रोजेक्ट