राजगढ़

कोरोना से न करें खिलवाड़ : गाइडलाइन का पालन करते हुए की थी शादी, फिर भी 4 दिन बाद संक्रमित हो गया दूल्हा, 23वें दिन मौत

कोरोना के कारण मचे हाहाकार के बावजूद भी अगर कोई कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रहा है, तो ये खबर खासतौर पर उसी के लिये है।

3 min read
कोरोना से न करें खिलवाड़ : गाइडलाइन का पालन करते हुए की थी शादी, फिर भी 4 दिन बाद संक्रमित हो गया दूल्हा, 23वें दिन मौत

राजगढ़/ मध्य प्रदेश समेत देशभर में कोरोना के कारण मचे हाहाकार के बावजूद भी अगर कोई कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रहा है, तो ये खबर खासतौर पर उसी के लिये है।दरअसल, सूबे के राजगढ़ जिले के पचोर में अजय शर्मा नामक 25 वर्षीय युवक ने कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए शादी की थी। बावजूद इसके एक छोटी सी चूक उसके लिये ऐसी भारी पड़ी कि, विवाह से 4 दिन बाद ही उसके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई। यही नहीं, विवाह के 23वें दिन उपचार के दौरान उसकी मौत भी हो गई। ऐसे में सवाल उठता है कि, अब सरकार द्वारा सामूहिक आयोजनों पर जो प्रतिबंध लगाया गया है, वो सिर्फ कागजों पर लिखने मात्र के लिये ही नहीं, बल्कि नियमानुसार पालन करने के लिये बनाया है। तभी कोरोना पर हमारी जीत सुनिश्चित हो सकेगी।


कोविड प्रोटोकॉल के तहत हुआ था विवाह

बता दें कि, राजगढ़ जिले के पचोर में रहने वाले 25 वर्षीय अजय शर्मा का विवाह गुजरे 25 अप्रैल को हुआ था। विवाह कार्यक्रम के दो दिन बाद अजय ने कोरोना की जांच कराई थी, जिसके बाद 29 अप्रैल को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।घर के अन्य सदस्यों में एक महिला भी कोविड पॉजिटिव थी। रिपोर्ट के बाद पहले स्थानीय तौर पर उपचार कराया गया, लेकिन बाद में बेहतर इलाज के लिये भोपाल ले जाया गया, जहां सप्ताहभर वेंटिलेटर पर रहने के बाद 17 मई को अजय ने दम तोड़ दिया। हालांकि, युवक का विवाह कोविड प्रोटोकॉल के तहत एक मंदिर में सीमित लोगों की मौजूदगी में हुआ था।

एक छोटी सी चूक और मातम में बदल गईं शादी की खुशियां

कोरोना होने के बाद जिंदगी की जंग हारने वाले अजय शर्मा की शादी राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ ब्लॉक के मोतीपुरा गांव की निवासी अन्नू शर्मा से हुई थी। अन्नू का परिवार सीहोर में भी रहता है। ऐसे में उनका विवाह सीहोर के ही एक मंदिर में कोरोना गाइडलाइन के तहत परिवार के चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में हुआ था। शादी समारोह में शामिल अयज की भाभी भी इस दौरान संक्रमित हुई थीं। हालांकि, अन्य परिजन की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। कोविड प्रोटोकॉल के हिसाब से युवक की अंत्येष्टि भोपाल के मुक्तिधाम में कुरावर निवासी रिश्तेदारों की मदद से हुई। कोरोना काल में शादी जैसे इतने खास आयोजन का रिस्क लेना अजय की जान पर भारी पड़ गया। कहने को तो तमाम प्रोटोकॉल फॉलो किए गए थे, लेकिन शादी के होने वाली एक चूक मातम में तब्दील हो गई।


दूल्हा के भाई की लोगों से अपील

परिवार में हुई इस भयावय गमी के बाद मृतक अजय शर्मा के भाई त्रिलोक शर्मा ने कहा हमने शादी समारोह के दौरान कोरोना के सभी नियमों का पालन किया था। बावजूद इसके कोरोना संक्रमण से हमारे घर का दूल्हा नहीं बच सका। इस समय हमारे परिवार पर दुखों का कैसा पहाड़ टूटा है, इसका अंदाजा सिर्फ हम ही लगा सकते हैं। इसलिये लोगों से हाथ जोड़कर सिर्फ ये निवेदन है कि, अपनी खुशियों को रिस्क लेकर न मनाएं। मौजूदा समय में सिर्फ शादी ही नहीं, बल्कि अन्य किसी भी तरह का आयोजन न करें। राजगढ़ में शादी व अन्य सामूहिक कार्यक्रम पर प्रतिबंधित लगा है। कोरोना काल में थोड़ी सी लापरवाही परिवारों को तबाह करने के लिये काफी है। एक छोटी सी चूक किसी की भी जान पर भारी पड़ सकती है।

कोरोना वैक्सीन से जुड़े हर सवाल का जवाब - जानें इस वीडियो में

Published on:
19 May 2021 01:16 pm
Also Read
View All