भावांतर मेले के तहत जिले से 25 हजार किसानों को ले जाने को लेकर हुई थी तैयारियां
राजगढ़। कृषि को लाभ का धंधा बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई भावांतर योजना के प्रचार-प्रसार के साथ ही उसके क्रियान्वयन में करोड़ों रुपए खर्च हो रहे है। हाल ही में भोपाल में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान भी प्रदेशभर से करोड़ों रुपए खर्च हुए। राजगढ़ की बात करे तो यहां १२ फरवरी को किसानों के लिए करीब दस करोड़ रुपए का भुगतान होना था, लेकिन इस भुगतान के वितरण के लिए राजगढ़ से ही बस और भोजन आदि की व्यवस्था में लगभग पौने दो करोड़ रुपए खर्च कर दिए।
इतना ही नहीं इस खर्च के अलावा कई विभागों के अधिकारी कर्मचारी भी किसानों को भोपाल पहुंचाया जाए। इसके लिए व्यवस्थाओं में जुटे रहे। कृषि विभाग से प्राप्त आंकड़ों को माने तो 12 जनवरी को 15932 किसानों को भावांतर योजना के तहत दस करोड़ 34लाख 84 हजार 413 रुपए का भुगतान किया जाना था। यह भुगतान ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत होना था, लेकिन भावांतर किसान मेले का आयोजन भोपाल में किया गया और हर जिले से किसानों को भोपाल बुलाने का लक्ष्य रखा। राजगढ़ से 25 हजार किसान भोपाल भेजे जाने थे। हालांकि ओलावारी हो जाने से कम संख्या में किसान भोपाल पहुंचे, लेकिन बसों की व्यवस्था हो या फिर किसानों के भोजन की तैयारियों के लिए पहले ही रूपरेखा तैयार हो चुकी थी। ऐसे में सभी बसों के साथ निर्धारित संख्या में भोजन पैकेट अन्य सुविधाएं कर दी गई।
तीन दिन बाद मिली थी एक बस
बसों में कितने किसान गए और भोजन की क्या स्थिति रही। इसको लेकर ज्यादा गंभीरता नजर नहीं आई। क्योंकि एक बस भोपाल जाने के बाद गायब हो गई और वह तीन दिन बाद मिली। इसको लेकर कई लोगों से पुलिस द्वारा पूछताछ भी की गई, लेकिन उस बस में कौन किसान थे या नहीं भी थे। स्पष्ट ही नहीं हुआ।
फैक्ट फाइल
12 फरवरी को मिलना था लाभ
कृषकों की संख्या: 15932
भुगतान की राशि: 10,34,84,413
अब तक भुगतान हुई राशि: 62983
राशि का वितरण: 51,93,07,157
बसों पर खर्च : डेढ़ करोड़
भोजन, अन्य व्यवस्थाएं: 25 लाख
लगभग सवा दस करोड़ रुपए का वितरण होना था। जिसके लिए हमने हजारों किसान भोपाल भेजे। जिस पर लगभग पौने दो करोड़ रुपए खर्च हो रहे है।
- आरएस मालवीय, उप संचालक कृषि राजगढ़