कलेक्टर से की गई शिकायत के बाद कार्रवाई
राजगढ़। जिला अस्पताल में मरीजों के साथ होने वाली निर्माण का एक और नमूना 30 मई की रात को देखने को मिला, जब एक प्रसूता को जिला चिकित्सालय में दिल में 1 बजे के लगभग भर्ती कराया गया। लेकिन प्रसूता को प्रसव के लिए रात 8 बजे तक इंतजार करना। जबकि उसकी हालत पहले से गंभीर थी। परिजनों का आरोप है कि वे लगातार मरीज को देखने के लिए मौजूद स्टाफ हो या फिर चिकित्सकों को बुला कर रहे। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि रात 8 बजे कराई गई डिलीवरी के बाद बच्चे की हालत नाजुक थी। उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया और बाद में उसने दम तोड़ दिया। परिजन इस लापरवाही को लेकर कलेक्टर के समक्ष शिकायत करने के लिए गए। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार आर एल बागड़ी और दीपक पिप्पल की मौजूदगी में सभी पक्षों के बयान लिए गए। जिसमें प्रसूता के परिजनों सहित मौजूद स्टाफ और चिकित्सक के बयान लिए गए। बाद में सीएमएचओ दीपक पिप्पल ने मैटरनिटी वार्ड की प्रभारी मीनाक्षी और आरती और प्रमिला नाम की नर्स को मेटरनिटी वार्ड से हटा दिया है और इन तीनो ही नर्स को अन्य वार्ड में लगाने के निर्देश दिए गए। परिजनों की माने तो चिकित्सक वह भी वह बुलाते रहे। लेकिन मौके पर वह नहीं आएंगे, जबकि डॉक्टर अंशिका जयसवाल का कहना है कि परिजन पहले सीजर कराने के लिए तैयार नहीं थे। इसके कारण देरी हुई और जब तैयार हुए तो तुरंत सीजर कराया गया और पूरी स्थिति से भी परिजनों को अवगत कराया गया था। उल्लेखनीय है कि प्रसूता इशिका नामदेव पेंची बीनागंज की निवासी है। जिनकी हालत गंभीर होने के बाद परिजन राजगढ़ लेकर आए थे।
वर्जन। प्रसूता के परिजन द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद तमाम पहलुओं को समझा। उसके बाद प्रथम दृष्टया कहीं ना कहीं ड्यूटी पर तैनात आपकी गलती पाई गई। जिसके कारण उन्हें मैटरनिटी वार्ड से हटा दिया गया है।
दीपक पिप्पल सीएमएचओ राजगढ़