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कमाल का आइडिया! एमपी की ये बेटियां रद्दी से चमका रहीं जरूरतमंद बच्चों की किस्मत

MP Motivational Story: एमपी के ब्यावरा की चार बेटियों की अनोखी मुहिम, घर-घर से कॉपियां इकट्ठा कर रही छात्राएं, जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा की अलख, पढ़ें मंडे मोटिवेशनल स्टोरी
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राजगढ़

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Sanjana Kumar

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Updated: 18 May 2026, 10:17 AM IST

MP News Motivational Story

MP News Motivational Story: ब्यावरा में घर-घर से पुरानी कॉपियां एकत्रित करने वाली छात्राएं बनीं जरूरतमंदों की नई रोशनी। (photo: patrika Edited by AI)

MP Motivational Story: जहां आज के दौर में पुरानी किताबें और कॉपियां रद्दी के भाव बिक जाती हैं, वहीं मध्य प्रदेश के ब्यावरा की चार बेटियों ने इन्हीं फेंके हुए पन्नों में किसी गरीब बच्चे के सपनों की चमक तलाश ली। इन बेटियों ने यह साबित कर दिया कि बदलाव लाने के लिए बड़ी दौलत नहीं, बल्कि बड़ा दिल और संवेदनशील सोच चाहिए।

जरूरतमंदों की जिंदगी की नई रोशनी बना छोटा सा प्रयास

कक्षा 12वीं में पढऩे वाली अदिति शर्मा, अक्षरा अग्रवाल, अक्षिता अग्रवाल और भूमिका लश्करे ने गर्मी की छुट्टियों में पुरानी कॉपियों के बचे हुए पन्नों से रफ नोटबुक बनानी शुरू की, तब शायद उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनका यह छोटा-सा प्रयास कई जरूरतमंद बच्चों की जिंदगी में उम्मीद की नई रोशनी बन जाएगा। इन बेटियों ने महसूस किया कि शहर के हजारों घरों में ऐसी कॉपियां और किताबें धूल खा रही हैं, जिन्हें सही हाथों तक पहुंचाकर किसी बच्चे की पढ़ाई बचाई जा सकती है।

घर-घर से मांग रही पुरानी कॉपी व बैग

बस फिर क्या था…चारों बेटियां हर शाम घर-घर पहुंचने लगीं। लोगों से पुरानी कॉपियां, किताबें व स्कूल बैग मांगती हैं, ताकि गरीब परिवार का बच्चा पढ़ाई से दूर न हो। शिवधाम से सुदामा नगर तक उनकी मुहिम (MP Motivational Story) अब लोगों के दिलों को छू रही है। ये छात्राएं पुरानी कॉपियों के खाली पन्ने अलग करती हैं, उन्हें बाइंङ्क्षडग करवाकर नई नोटबुक का रूप देती हैं।

1000 नोटबुक तैयार करने का लक्ष्य

ये छात्राएं अब तक करीब 2 हजार पुरानी कॉपियां जुटा चुकी हैं। इन 2 हजार पुरानी कॉपियों से वे 300 नई नोटबुक तैयार करवा चुकी हैं। इन चारों बेटियों का सपना है कि ये 1000 नोटबुक तैयार (MP Motivational Story) करेंगी। ताकि जरूरतमंद बच्चों तक इन्हें पहुंचा सकें। वे चाहती हैं कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई का सपना केवल गरीबी के कारण न टूटे। इसलिए उन्होंने इस यूनिक आइडिया पर काम शुरू किया है।

शहरवासियों से कर रहीं अपील, बेचें नहीं रद्दी को दान कर दें

इन चार बेटियों ने अपने इस यूनिक आइडिया (MP Motivational Story) पर परिणाम देने वाला काम करने के लिए शहरवासियों से अपील की है कि पुरानी शैक्षणिक सामग्री को रद्दी में बेचने के बजाय वे किसी बच्चे के भविष्य के लिए दान करें। ये दान वे उन्हें दे सकते हैं ताकि एक खानी पन्ना किसी दूसरे बच्चे के सपनों की शुरुआत बन सके। ये बच्चे शिक्षित होंगे, तो उनका भविष्य संवारने में आपका भी अहम योगदान होगा।