
dalit family seeks security for wedding in bjp leader village (AI IMAGE)
MP News: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील का लिंबोदा गांव इन दिनों एक शादी को लेकर चर्चा में है। यह गांव भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष ज्ञानसिंह गुर्जर का पैतृक गांव भी है। यहां रहने वाले एक दलित परिवार ने बेटी की शादी में दूल्हे को घोड़ी पर बैठाकर डीजे के साथ बारात लाने की अनुमति मांगते हुए प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। परिवार का दावा है कि गांव में आज तक आजादी के बाद से अनुसूचित जाति समाज का कोई दूल्हा घोड़ी नहीं चढ़ा है, ऐसे में विरोध और विवाद की आशंका है।
जानकारी के अनुसार माचलपुर थाना क्षेत्र के लिंबोदा गांव निवासी लक्ष्मीबाई पिता देवसिंह ने एसपी को आवेदन देकर बताया कि उनकी बेटी लक्ष्मी की शादी 18 मई 2026 को होना है। शादी में दूल्हा प्रकाश घोड़ी पर सवार होकर डीजे के साथ बारात निकालेगा। परिवार का कहना है कि वे अपनी बेटी की शादी पूरे सम्मान और सामाजिक बराबरी के साथ करना चाहते हैं। आवेदन में उन्होंने लिखा है कि देश को आजाद हुए 78 साल हो गए, लेकिन गांव में आज तक अनुसूचित जाति समाज का दूल्हा घोड़ी नहीं चढ़ा है और न ही समाज की किसी शादी की बारात में डीजे बजा है। परिवार ने 17-18 मई को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि समारोह के दौरान कोई अप्रिय स्थिति न बने।
मामले में लिंबोदा के ग्रामीणों का कहना है कि यहां किसी तरह का विरोध नहीं है। उनका कहना है कि गांव में पूरी शांति है और दलित समाज की शादी में घोड़ी चढ़ने या डीजे बजाने पर किसी को आपत्ति नहीं है। उनका आरोप है कि आवेदन देकर गांव की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने यहां तक कहा कि शादी कार्यक्रम की ड्रोन से वीडियोग्रॉफी कराई जाएगी, ताकि बाद में किसी तरह के विवाद या आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति न बने। कुछ ग्रामीणों ने पूर्व में कचनारिया गांव में हुए विवादों का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी कूटरचित घटनाक्रम बनाकर लोगों को झूठे मामलों में उलझाया गया था। यही प्रयास दोबारा किया जा रहा है।
इस मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष ज्ञानसिंह गुर्जर का कहना है यह उनके गांव को बदनाम करने की कोशिश है। कुछ लोग समाज में जहर भरने का काम कर रहे हैं, यह गलत है। हम लोग बड़े सम्मान के साथ बात करते हैं। मैंने कलेक्टर-एसपी से बात की है, ऐसी कोई बात हमारे यहां नहीं है। चाहें तो थाने का रिकॉर्ड निकलवा लें। इतनी शादियां हो चुकी हैं, हाल ही में एक दलित परिवार में शादी थी, इन्हें क्यों दिक्कत आई? हम तो कहते हैं पूरी बरात के लिए घोड़ी लाओ, पांच डीजे लाओ, हमें क्या दिक्कत होगी? जबरन मेरे गांव को बदनाम करने की कोशिश है।
इधर, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में सामाजिक समन्वय और शांति बनाए रखने की कवायद भी शुरू हो गई है। कांग्रेस से जुड़े नेताओं और स्थानीय लोगों की एक कमेटी लिंबोदा गांव पहुंचकर दोनों पक्षों से चर्चा करेगी। कमेटी में राजेश रातलिया, अशोक वर्मा (पूर्व पार्षद), जसवंत गुर्जर सहित कई लोग शामिल रहेंगे।
Published on:
13 May 2026 08:30 pm
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