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MP News: मामा-मामी ने दी ट्रेनिंग, भांजे ने 25 शहरों में कीं 40 चोरियां

MP News: देश के अलग-अलग शहरों में शादियों में चोरी करता था नाबालिग, नए और महंगे कपड़े पहनकर शादियों में करता था एंट्री।

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RAJGARH

एआई से बनाई गई तस्वीर

राजेश विश्वकर्मा
MP News: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में किड़या सांसी, गुलखेड़ी और हुलखेड़ी में जहां राजगढ़ पुलिस अपराध की नर्सरी बंद कर रही है वहीं कुछ ऐसे तत्व अभी भी हैं जो बच्चों को अपराध की दलदल में धकेल रहे हैं। यानी चोरी करना और करवाना सिखा रहे हैं। खास बात यह है कि यह गिरोह इन बच्चों से राजगढ़ से बाहर के अन्य शहरों में बड़ी शादियों में चोरी की वारदातें करवाते हैं। ताजा मामले में एक 17 साल के नाबालिग को को जब पुलिस ने ट्रेस किया तो पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ। जांच में पता चला कि उसी के मामा-मामी, मां सहित अन्य अपराधियों ने उसे चोरी करना सिखाया। बोड़ा पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। नाबालिग ने देशभर के 25 से अधिक शहरों में चोरी की वारदातें की हैं।

ऐसे करते हैं बच्चे को ट्रेंड

जानकारी के अनुसार उक्त नाबालिग को विशेष तौर पर तैयार किया गया। जहां उसके मामा और अन्य लोगों ने बकायदा चोरी का प्रशिक्षण दिया। जिसमें उन्हें बताया गया कि महंगी और बड़ी शादियों में नए कपड़े पहनकर घुसना है। फिर दूल्हे के मां-बाप की पहचान करो, किससे लोग सबसे ज्यादा मिल रहे हैं, उनकी तरफ पूरा ध्यान रखो, फिर मौका पाकर उनके पास के गहने और रुपए पर हाथ साफ कर दो। फिर वहां मौजूद भीड़ में चाय या खाने के सामान गिरवा दो, ताकि लोगों को ध्यान भटक जाए। लोग कपड़े और खाने की सामग्री साफ करेंगे, इतनी देर में वहां पर रखी महंगी ज्वेलरी और रुपयों पर हाथ साफ कर दो। कुछ इसी तरीके से नाबालिग ने कई वारदातों को अंजाम दिया। उक्त नाबालिग को यह पूरा काम उसी के मामा संजय सांसी ने सिखाया।

सीसीटीवी में दिखे बाल अपचारी से खुले राज

हाल ही मामले में उज्जैन में हुई चोरी की जांच करते हुए पुलिस तह तक पहुंची तो उक्त बाल अपचारी को ट्रेस किया। जब पुलिस उक्त बाल अपचारी तक पहुंची तो यह पूरा राज खुला। जिसमें बाल अपचारी को यहां ट्रेंड किया गया था। पुलिस ने कड़ियासांसी निवासी नाबालिग की रिपोर्ट पर उसके मामा-मामी, नाबालिग की मां सहित गांव के राजेश पिता चंदूलाल सांसी सर्व निवासी ग्राम कड़ियासांसी और चंदा व नितेश सांसी निवासी गुलखेड़ी के खिलाफ जेजे एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला पंजीबद्ध किया है। उक्त आरोपी नाबालिग से 01 जनवरी 2023 से 01 मई 2026 तक चोरियां करवाते रहे।

पहली कक्षा के बाद छुड़ा दिया स्कूल, सिखाई चोरी

पुलिस को 17 वर्षीय बाल अपचारी ने अपनी पूरी कहानी बयां की है। जिसमें उसने बताया कि ग्राम पीपल्यारसोड़ा के कान्वेंट स्कूल में पहली क्लास तक मैं पढ़ा हूं, इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। परिवार में मेरी मां, बड़ा भाई (22 साल), एक और बड़ा (19 साल) और बड़ी बहन (20) है। बड़ा भाई खेती करता है और एक भाई पहले चोरी करता था। मां घर पर ही रहती है। मेरे पिताजी गांजे और स्मैक का नशा करते थे, पिछले साल मृत्यु हो गई है। गांव में ही मेरे मामा और मामी रहते हैं, जिन्होंने मुझे चोरी करना सिखाया। दोनों मुझे और उनके लड़के को लेकर चोरी करने ले जाते थे। गांव के राजेश सांसी भी हमारे साथ जाता था। इन लोगों ने करीब 3-4 साल से कई राज्यों में बड़ी-बड़ी शादियों में चोरी करवाई। करीब 30-40 चोरियां मैं कर चुका हूं।

नाबालिग की मां को देते थे चोरी का हिस्सा

जानकारी के अनुसार चोरी का माल नाबालिग का मामा अपने पास रखता था। सोना-चांदी को बेच देता था और नगदी आपस में बांट लेता था। नाबालिग का हिस्सा उसकी मां को दे दिया जाता था। उसने बताया कि चोरी के माल में गांव का राजेश सांसी भी हिस्सा लेता है। इस साल मामा ने खंडवा, उज्जैन में चोरियां कराई। उज्जैन से बाजार में से 30-40 हजार रुपए का नगदी बैग चोरी किया। पिता नशा करते थे, बाद में मैं भी करने लगा। नाबालिग सालभर से स्मैक पी रहा है। उसका मामा ही नशे की सामग्री लाकर देता रहा।

पुलिस ने नाबालिग को बाल कल्याण समिति को सौंपा

देवेंद्र राजपूत, थाना प्रभारी, बोड़ा ने बताया कि हमने मामला दर्ज किया है, नाबालिग को बाल कल्याण समिति को सौंपा है। जहां तक बात नर्सरी बंद करने की है कि तो अधिकतर लोगों को हम मुख्य धारा में लाने का प्रयास कर रहे हैं, पुराने कुछ लोग हैं जो ऐसा करवा रहे हैं, उन पर भी हमने मामला दर्ज किया है। आगे भी हमारी सतत कार्रवाई जारी रहेगी। उक्त मामले में हमारे पास चोरी का प्रकरण आया था, जिसमें उक्त बाल अपचारी का फेस सामने आया है। जब उससे पूछताछ की तो यह पूरा मामला उजागर हुआ।