जमीन पर जाकर जनता के बीच जाने वाले कार्यकताओं की होगी परख ..राजगढ़ पहुंचे भाजपा के प्रदेश मुरलीधर राव का भाजपा पदाधिकारियों को दो टूक
BHANU THAKUR
राजगढ़। (RAJGARH) भाजपा अभी से वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा और 2024 में होने लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिसको लेकर संगठन को बढ़ाने और कार्यकर्ताओं में जान फूंकने के लिए खुद प्रदेश आजा प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री मुरलीधर राव MURLIDHAR RAO राजगढ़ पहुंचे। उनकी तैयारियों को लेकर शहर में खासे बैनर पोस्टर लगा रखे थे, यह पोस्टर राजगढ़ की शुरुआत से लेकर जहां-जहां भी उन्हें जाना था, सभी जगह लगाए गए थे। ऐसे में उन्होंने भाजपा कार्यालय में जिला भाजपा के पदाधिकारी और उसके बाद भाजपा विभिन्न प्रकोष्ठ के मोर्चा की बैठक की बैठक के दौरान कहा की जिस तरह से यहां मेरे आगमन से पूर्व पोस्टर लगाए गए हैं। उनसे कुछ हासिल होने वाला नहीं है और ना ही किसी तरह के फोन से कुछ होगा। आपको खुद जनता के बीच जाना होगा, जिसकी रिपोर्ट विभिन्न तरीकों से तैयार की जाएगी। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा की पोस्ट अभी जो लगे हैं उनमें 10-10 सिर लगे हैं ना तो उन्हें मैं देख पा रहा हूं और ना ही कोई और को इस में इंटरेस्टेड होता है। सिर्फ जिसका फोटो लगा है वही देख कर खुश होता है। फोटो भी पोस्टर में जिस तरीके से लगा रखे हैं, उसमें दशानन की तरह नजर आ रहे हैं। मुरलीधर राव यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि मेरी सूरत ऐसी भी नहीं है कि लोग पोस्टर को देखें और ना ही मैंने कोई मॉडल की तरह फोटो खिंचवाए हैं। इसलिए पोस्टर वार छोड़ें और हितग्राहियों के बीच जाए। कार्यकर्ताओं को जोड़ें भाजपा के संगठन को बढ़ाने के लिए काम करें।
हनुमान चालीसा जेब मे रखने या रटने से विधायक सांसद नही बनोगे
यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं को सीख देते हुए कहा की हनुमान चालीसा जेब में रखने या रखने के साथ ही गायत्री मंत्र लगातार पढ़ने से आप विधायक या सांसद नहीं बन पाओगे। इसके लिए आपको गरीब कल्याण योजनाओं को भी रखना होगा, और घर-घर जाकर उन्हें बताना होगा। लोगों को योजनाओं के लाभ दिलाने होंगे। स्मार्ट लोगों के साथ हनुमान नहीं होते। लेकिन हां आप कहो उनसे कि मैं लड़ रहा हूं, मैं काम कर रहा हूं,आप तो ऊपर ध्वज पर बैठे रहो बस आशीर्वाद देते रहो तब जरूर आपका काम पूरा हो जाएगा। आपने देखा है कभी कि कोई हनुमान चालीसा पढ़ कर परीक्षा में अच्छे अंको से पास हुआ हो । जरूरी है उसे अपनी कक्षा की किताबें पढ़ना भी जरूरी है। ठीक उसी तरह हमें भी सभी योजनाओं की जानकारी जरूरी है और उन योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना की जरूरी है।