कुबेरेश्वर धाम सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा की संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा मध्यप्रदेश के राजगढ़ में 19 अगस्त से प्रारंभ हो जाएगी, कथा से एक दिन पहले 18 अगस्त को भव्य कलश यात्रा निकलेगी, जिसमें शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु आएंगे। कलश यात्रा के लिए हरिद्वार से गंगाजल मंगाया है।
19 अगस्त से शुरू होने वाली पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा से एक दिन पहले 18 अगस्त को राजगढ़ शहर में कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस कलश यात्रा में 51000 महिलाएं शामिल होंगी। जो कलश महिलाओं की सर पर होंगे इनमें मां नेवज नदी के जल के साथ ही गंगाजल को भरा जाएगा।
गंगाजल के लिए राजगढ़ से दो टैंकर हरिद्वार भेजे गए हैं, जो आज राजगढ़ आ जाएंगे। राजमहल और बड़े महल दोनों ही परिसर में महिलाओं को एकत्रित किया जाएगा। यात्रा में किसी तरह की विघ्न न हो इसके लिए शहर से बाहर पार्किंग बनाई गई है। खिलचीपुर और खुजनेर के लिए राजगढ़ मंडी में जबकि कालीपीठ पीपलोदी से आने वाले वाहनों को कलेक्ट्रेट के पास जबकि ब्यावरा की तरफ से आने वाले महिलाओं की जो पार्किंग बनाई जा रही हैं वह परेड ग्राउंड और सब्जी हाट बाजार को बनाया जा रहा है। जबकि जो यात्रा होगी वह राजमहल से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए बायपास के रास्ते स्टेडियम पहुंचेगी। यहां कलश की पूजन के साथ ही कथा के अन्य आयोजन शुरू हो जाएंगी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष और पूर्व विधायक पंडित हरिचरण तिवारी ने बताया कि जहां जहां से भी कलश यात्रा निकलेगी वहां विभिन्न समाज और समुदाय के लोग व्यवस्थाओं में लगे हुए हैं। कई जगह पानी की व्यवस्था है। और विभिन्न तरह के जलपान की व्यवस्था की जा रही है। 19 अगस्त से टोल टैक्स के पास स्थित भूमि पर पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारविंद से कथा को सुनाया जाएगा। कथा स्थल पर भी 8 पार्किंग बनाई जा रही है। कोई भी पार्किंग एक किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर नहीं है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को कथा स्थल तक पहुंचने में ज्यादा परेशानी ना हो।
कलश यात्रा के दौरान सभी माता और बहनों से अपील है कि वह महंगे जेवरात और अन्य सामग्री लेकर ना आएं। भीड़ में कई बार बदमाश चोरी की वारदात को अंजाम दे देते हैं। ऐसे में कहीं ना कहीं बड़ा नुकसान होता है। यात्रा में लाल पीले वस्त्र पहनकर शामिल हो जो सनातन धर्म की पहचान है।