अमृत महोत्सव की थीम पर हुआ कार्यक्रम
खुजनेर (राजगढ़). स्वाधीनता के अमृत महोत्सव वर्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खंड खुजनेर की ओर से जिले में पहली बार अमृत महोत्सव की थीम पर 7575 स्वयंसेवकों के एकत्रीकरण का कार्यक्रम हुआ। इसमें सभी महापुरुषों एवं शहीदों के चित्र लगाए इसके साथ ही मैदान पर अमृत महोत्सव लिखा गया, जिस पर स्वयंसेवकों को बिठाया गया। अमृत महोत्सव की आकृति मैदान पर आकर्षण का केंद्र रही। प्रकट उत्सव में स्वयंसेवकों ने शाखा में सिखाए जाने वाले प्रयोग जैसे दण्ड संचलन नियुद्ध समता आदि का प्रदर्शन किया।
आज पूरी दुनिया कर रही हमारा अनुसरण
इस मौके पर मुख्य वक्ता मध्यक्षेत्र प्रचारक प्रमुख अशोक पोरवाल ने कहा कि आज समय बदला है जब हम वापस हमारी वैदिक काल गणना ओर संस्कृति का अनुसरण करने लगे है। दुनिया ने स्वीकारा है कि भारतीय काल गणना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ गणना है। आज का यह दिन बड़ा पावन दिन है जब हम नव संवत्सर के अवसर पर जहां से विक्रम संवत युगाब्द,भगवान राम के राज्याभिषेक का दिन है। इसी दिन भगवान ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था। जब मानव की उत्पति हुई थी। आज के ही दिन हम सब स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ केशवराम बलिराम हेडगेवार को आद्य सरसंघचालक प्रणाम हमने किया जिन्होंने विश्व के सबसे बड़े संगठन की नींव रखी थी।
शारीरिक कार्यक्रम से व्यक्ति स्वस्थ होता है
अशोक पोरवाल ने कहा कि इसी खुजनेर की भूमि में जन्मे एक प्रचारक ने मुझे संघ की शाखा में लेकर आये और उनकी प्रेरणा से में संघ का प्रचारक बना। संघ की एक घंटे की शाखा में व्यक्ति का निर्माण होता है। शारीरिक कार्यक्रम से व्यक्ति स्वस्थ होता है तो बौद्विक के कार्यक्रमों से बौद्विक क्षमता का विकास होता है। उनके साथ मंच पर विभाग संघचालक लक्ष्मीनारायण चौहान जिला संघचालक प्रेमसिंह दांगी खण्ड संघचालक दिलीप नागर उपस्थित थे। जिला कार्यवाह प्रकाश गहलोत ने कार्यक्रम की पूर्व तैयारी का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तो खण्ड कार्यवाह संजय पालीवाल ने आभार व्यक्त किया।
नगर से निकले स्वयंसेवक तो हुआ स्वागत
नगर के विभिन्न मार्ग से हाथ में दंड लिए स्वयंसेवक निकले तो लोगों ने पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। इसमें खुजनेर खण्ड के नगर सहित 117 गांव के गणवेशधारी गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने भाग लिया। नगर के चार मार्गो से संघ के स्वयंसेवक संचलन करते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जिन्हें दिखने के लिए नगर में काफी उत्साह दिखा। नगर को भगवा झंडों एवं बैनरों से सजाया। सभी व्यापारियों ने स्वेच्छा से प्रतिष्ठान बंद रखे।