राजनंदगांव

Double Murder Case: नंदई डबल मर्डर केस, 4 साल बाद 11 आरोपियों को उम्रकैद, दो आरोपी हुए दोषमुक्त

Double Murder Case: युवकों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। इस खूनी संघर्ष में विकाश उर्फ कान्हा सारथी की मौके पर ही मौत हो गई। हत्यारों ने युवक के शव को नाले में फेंक दिया।

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11 आरोपियों को उम्रकैद (Photo Patrika)

Double Murder Case: छत्तीसगढ़ के राजनांदगाव जिले में दो पक्षों में गैंगवार के चलते नंदई में 31 अगस्त 2022 दो युवकों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। घटना जिले के नंदई इलाके की है। राम सत्ता साप्ताहिक कार्यक्रम के आयोजन के दौरान सुबह करीब 5 बजे कार्यक्रम स्थल पर गैंगवार के चलते दो पक्ष में विवाद हो गया। गौरी नगर निवासी 23 वर्षीय विकास उर्फ कान्हा सारथी, पिता मोहन लाल सारथी और नंदई निवासी 22 वर्षीय जितेन्द्र साहू पिता परमानंद साहू पर दूसरे पक्ष के युवकों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। इस खूनी संघर्ष में विकाश उर्फ कान्हा सारथी की मौके पर ही मौत हो गई। हत्यारों ने युवक के शव को नाले में फेंक दिया।

पुलिस ने बताया कि दोहरा हत्याकांड सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि संगठित और घातक हमले का मामला था। करीब चार साल की सुनवाई और साक्ष्यों की पड़ताल के बाद अदालत ने इस केस में 11 आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना चार साल पहले की है। आरोपियों ने एकजुट होकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। आरोपियों ने विकास उर्फ कन्हैया सारथी को निशाना बनाते हुए उस पर चाकू, तलवार और डंडों से लगातार हमला किया था, जिसके चलते मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

इस बीच झगड़ा रोकने की कोशिश कर रहे जितेंद्र साहू को भी हमलावरों ने नहीं छोड़ा। उसे कन्हैया का साथी समझकर चाकू मार दिया। घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह एक मामूली विवाद ने दो लोगों की जान ले ली और मामला दोहरे हत्याकांड में बदल गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

घटना स्थल से खून से सनी मिट्टी, हथियार और अन्य भौतिक साक्ष्य जब्त किए गए। आसपास के घर से DVR (CCTV) फुटेज भी कब्जे में लिया गया, जिससे घटनाक्रम की पुष्टि हुई। इसके अलावा गवाहों के बयान, आरोपियों के मेमोरेंडम और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने केस को मजबूत आधार दिया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराएं 147, 148, 149 (दंगा), 302 (हत्या), 120-बी (षड्यंत्र) और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत चालान पेश किया।

अदालत में सुनवाई के दौरान यह साबित हुआ कि आरोपी न सिर्फ समूह में थे, बल्कि हथियारों के साथ पूर्व नियोजित तरीके से हमला करने पहुंचे थे। अदालत ने जिन 11 आरोपियों को दोषी ठहराया, उनमें मोहन लाल यादव, छगन उर्फ बिल्लू उर्फ कल्लू साहू, सोहेल खान उर्फ सोनू, दुर्गेश उर्फ दुग्गू नेताम, ओमप्रकाश सिन्हा उर्फ राजा, रूपेश उर्फ लक्की नेताम, कुशल साहू उर्फ भैरव, सुनील यादव उर्फ सेठी, प्रशांत उर्फ गोलू पवार, अमित गोंड और पुलकित केमे शामिल हैं। सभी को आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा दी गई है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों सुमित यादव और राहुल उर्फ लक्ष्मण पवार को बरी कर दिया गया।

रास्ते में युवक ने तोड़ा दम

घटना में गंभीर रूप से घायल जितेन्द्र साहू को मौके पर मौजूद लोगों ने जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन रास्ते में ही जितेन्द्र ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि मृतक विकास सारथी आदतन अपराधी था और हत्या के मामले में 5 साल जेल में बंद था। 6 माह पहले ही वह जेल से छूटकर बाहर आया था। वहीं मृतक जितेन्द्र के भी आपराधिक रिकार्ड होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने बताया कि दोनों मृतक कान्हा सारथी व जितेन्द्र साहू एक ही ग्रुप के थे। दूसरे ग्रुप के आरोपियों द्वारा चाकू से हमला कर हत्या की घटना को अंजाम दिया गया है।

संदेहियों को लिया है हिरासत में

कान्हा व जितेन्द्र की हत्या मामले में पुलिस आधा दर्जन से ज्यादा संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है। अभी तक आरोपियों की पहचान नहीं हुई है। पुलिस जल्द ही मामले को सुलझा लेने का दावा कर रही है। दो दिन में शहर के तीन युवकों की हत्या की घटना से शहर में दशहत का माहौल है। वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। टीआई बसंतपुर टीआर चन्द्रा ने बताया कि नंदई में बुधवार की सुबह दो पक्षों में विवाद बाद चाकू से हमला कर दो युवकों की हत्या कर दी गई है। गैंगवार जैसे मामला होने की संभावना है। कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जल्द ही खुलासा करेंगे।

शहर में दहशत का माहौल

गैंगवार की घटना के बाद शहर के लोगों ने कहा कि माहौल दिनों दिन खराब हो रहा है। आपराधिक तत्वों को हौसले बुलंद होते जा रहा है। आपराधिक तत्व के लोग नशे की हालत में गैंग बना कर घूमते रहते हैं और विवाद की स्थिति में घटना को अंजाम देते हैं। शहर में पान-ठेला, होटल अन्य प्रतिष्ठान देर रात तक खुली रहती है। इन दुकानों में गांजा, शराब सहित नशे के अन्य सामान की बिक्री हो रही है। अराजक तत्व रात भर नशे में घूम रहे हैं। बावजूद इसके दुकानों को बंद कराने व रात में घूमने वालों पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।

Updated on:
17 Apr 2026 06:33 pm
Published on:
17 Apr 2026 06:32 pm
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