14 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Property Tax Hiked: संपत्तिकर बढ़ोतरी से गरमाई सियासत, कांग्रेस ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Property Tax Hiked: नगर निगम द्वारा संपत्तिकर में 39 रुपए प्रति वर्गफीट तक बढ़ोतरी और टैक्स छूट खत्म करने के फैसले के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया।

2 min read
Google source verification
संपत्तिकर में 39 रुपए प्रति फीट तक बढ़ोतरी (photo source- Patrika)

संपत्तिकर में 39 रुपए प्रति फीट तक बढ़ोतरी (photo source- Patrika)

Property Tax Hiked: शहर में संपत्तिकर बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नगर निगम द्वारा नए वित्तीय वर्ष में लागू किए गए टैक्स स्लैब और दरों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और नगर निगम प्रशासन पर आम जनता पर आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया और जमकर नारेबाजी की।

Property Tax Hiked: टैक्स बढ़ोतरी के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस

संपत्तिकर में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने इसे “जनविरोधी फैसला” बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पहले से ही महंगाई से जूझ रही जनता पर अब अतिरिक्त टैक्स का बोझ डाला जा रहा है। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधियों ने नगर निगम आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपते हुए टैक्स दरों में संशोधन की मांग की।

टैक्स छूट खत्म, हर वर्ग पर असर

नगर निगम ने नए वित्तीय वर्ष से संपत्तिकर में प्रति वर्गफीट 39 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही 6000 वर्गफीट तक मिलने वाली टैक्स छूट को भी समाप्त कर दिया गया है। अब सभी संपत्ति धारकों को टैक्स के दायरे में लाया गया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

एक समान दर पर उठे सवाल

ज्ञापन में कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि निगम द्वारा तय की गई दरें तर्कसंगत नहीं हैं।

  • प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल के लिए एक समान दर
  • आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के लिए भी लगभग समान टैक्स

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था असमान और अव्यवहारिक है, जिससे करदाताओं पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा।

कुछ क्षेत्रों में राहत, कुछ में भारी बढ़ोतरी

नए टैक्स ढांचे के तहत शहर के कुछ इलाकों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिनमें मानव मंदिर, जयस्तंभ चौक, कामठी लाइन, रामाधीन मार्ग सहित कई वार्ड शामिल हैं। यहां 26 से 39 रुपये प्रति वर्गफीट तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, कुछ ग्रामीण क्षेत्रों—जैसे मोतीपुर, रामनगर, स्टेशनपारा, गौरीनगर और कन्हारपुरी—में कर दरों में आंशिक कमी भी की गई है।

Property Tax Hiked: उग्र आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही संपत्तिकर दरों में सुधार कर राहत नहीं दी गई, तो आने वाले समय में और उग्र आंदोलन किया जाएगा। बता दें कि संपत्तिकर बढ़ोतरी का यह मुद्दा अब केवल नगर निगम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है। एक ओर प्रशासन इसे आवश्यक राजस्व सुधार बता रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे आम जनता के हितों के खिलाफ कदम करार दे रहा है। अब देखना होगा कि इस विवाद का समाधान कैसे निकलता है और क्या जनता को राहत मिल पाती है।