
पेश हुआ 2.40 अरब का बजट (photo source- Patrika)
CG News: जगदलपुर नगर निगम के बजट सत्र में इस बार बजट पेश होने से पहले ही सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। वर्ष 2026-27 के लिए 2 अरब 40 करोड़ 92 लाख 84 हजार रुपए का बजट अंतत: नारेबाजी और विरोध के बीच पेश किया गया, लेकिन इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव बना रहा। इस बजट में जहां शहरवासियों को पेयजल संकट से दूर करने के लिए 100 करोड़ का बजट रखा गया है। वहीं लोगों को शहर में ज्यादा झटके न लगें आवागमन सामान्य हो इसके लिए 35 करोड़ रुपए सड$क पर खर्च होंगे। वही इस बजट की खास बात यह रही कि आम जन के उपर कोई नए टैक्स का भार नहीं लगाया गया है।
स्थगन के कुछ देर बाद जब सत्तापक्ष के सदस्य और महापौर संजय पांडे वापस सदन में लौटे, तब भी विपक्ष गर्भगृह में मौजूद रहा और नारेबाजी के बीच ही महापौर ने बजट पेश किया। बाद में अध्यक्ष ने शहर विकास को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए सभी पार्षदों से बजट का समर्थन करने को कहा। इस पर विपक्ष ने नैतिक समर्थन देते हुए अपनी सीट पर वापसी की।
दरअसल बजट पेश करने से पहले विपक्ष ने मांग रखी कि पहले पिछले बजट के विकास कार्यों पर चर्चा की जाए। विपक्ष का तर्क था कि जब बजट से पहले जनता से सुझाव लिए गए थे, तो यह जरूरी है कि पुराने वादों का हिसाब सामने रखा जाए। हालांकि सत्तापक्ष पहले नया बजट पेश करने पर अड़ा रहा, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद बढऩे पर विपक्ष अपनी मांग को लेकर गर्भगृह में पहुंच गया और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगा। हालात बिगड़ते देख कुछ समय के लिए सदन को स्थगित करना पड़ा, लेकिन विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा और लगातार नारेबाजी जारी रखी।
विपक्ष ने गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी की
हंगामे के बीच माइक बंद करने की मांग तक स्थिति पहुंची
कुल 12 सवालों में से सिर्फ 4 पर ही चर्चा हो सकी
पहली बार सत्र इतने कम समय में समाप्त
महापौर संजय पांडे ने इस बजट को नए जगदलपुर की परिकल्पना की दिशा में महत्यपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में सभी तबकों के लोगों को ध्यान में रखा गया है। शहर विकास नया मॉडल पेश होगा। सड़क और बस्तर के पेयजल संकट को दूर करने के लिए ऐसी मजबूत तैयारी की जाएगी कि आने वाले कई सालों तक लोगों को दिक्कत न हो। इसके साथ ही सफाई से लेकर महिला सशक्तिकरण जैसे कई महत्यपूर्ण विषयों को इसमें शामिल किया गया है।
प्रश्नकाल भी अधूरा… पहली बार बजट सत्र पहले ही दिन 4 बजे समाप्त हो गया। सत्र के दौरान कुल 12 सवाल लगाए गए थे, जिनमें सत्तापक्ष के पार्षदों के भी कई सवाल शामिल थे। हालांकि केवल 4 सवालों पर ही चर्चा हो सकी और शेष 8 सवाल बिना जवाब के रह गए। सदन को निर्धारित समय से पहले शाम 4 बजे राष्ट्रगान के साथ समाप्त कर दिया गया, जिसे लेकर भी विपक्ष ने नाराजगी जताई।
Published on:
31 Mar 2026 08:24 am
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