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Chhattisgarh Dial112: अब डायल 112 में हल्बी और गोंडी में भी सुनी जाएगी शिकायतें, एआई तकनीक से होगी लैस, मोबाइल वैन को मिली हरी झंडी

Chhattisgarh Police: गाड़ियों के कंट्रोल सिस्टम में हल्बी और गोंडी भाषाओं में भी शिकायतें सुनने व समझने की विशेष व्यवस्था की गई है।

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Dial 112 in Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में डॉयल 112 को मिलेगी 400 नई गाड़ियां (photo Patrika)

Chhattisgarh Dial112: बस्तर जिले की आपातकालीन सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। विधायक किरण सिंह देव और बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने लालबाग मैदानna में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में 112 डायल सेवा के 11 अत्याधुनिक वाहनों और एक फॉरेंसिक मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर महापौर संजय पांडे, कलेक्टर आकाश छिकारा और एसपी शलभ सिन्हा सहित कई जनप्रतिनिधि व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अब बस्तर पुलिस की आपातकालीन सेवा आधुनिक तकनीक से संचालित होगी।

इन नए वाहनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित लोकेशन पहचान तकनीक जोड़ी गई है, जिससे संकट में फंसे किसी भी व्यक्ति की वास्तविक स्थिति का तुरंत पता लगाया जा सकेगा। बस्तर की भौगोलिक स्थिति और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए, इन गाड़ियों के कंट्रोल सिस्टम में हल्बी और गोंडी भाषाओं में भी शिकायतें सुनने व समझने की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों को मदद मिलने में कोई परेशानी न हो। इसके अलावा, नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में एक बैकअप कंट्रोल सेंटर भी बनाया गया है, जो किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में स्वतः सक्रिय हो जाएगा।

इन माध्यमों से भी मिलेगी तुरंत मदद

डायल 112 सेवा को पूरी तरह एकीकृत कर दिया गया है। अब नागरिक पारंपरिक फोन कॉल के अलावा निम्नलिखित माध्यमों से भी आपातकालीन सहायता पा सकेंगे। इनमें 112 इंडिया’ मोबाइल ऐप, एसएमएस और ईमेल और वेब अनुरोध और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी दिए गए हैं।महिलाओं के लिए ऐप में पैनिक बटनमहिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐप में पैनिक बटन और विशेष निगरानी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इस एकल मंच के जरिए पुलिस, एम्बुलेंस, अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) और महिला हेल्पलाइन की सेवाएं एक साथ मिलेंगी। अतिथियों ने इन वाहनों में मौजूद आधुनिक संसाधनों का बारीकी से अवलोकन कर इसे पुलिसिंग के लिए मील का पत्थर बताया।