
समर स्पेशल या आंदोलन स्पेशल (photo source- Patrika)
Jagdalpur Summer Special Train: रेलवे ने जिस ट्रेन को समर स्पेशल बताया था वह आंदोलन स्पेशल निकली। गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे की ओर से चलाई जा रही जगदलपुर-हजरत निजामुद्दीन समर स्पेशल ट्रेन को लेकर गुरुवार को नया विवाद खड़ा हो गया। ट्रेन संख्या 08519 स्पेशल सुबह 11.14 बजे जगदलपुर रेलवे स्टेशन से करीब 1440 यात्रियों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि ट्रेन के रवाना होने तक आम यात्रियों के लिए टिकट जारी ही नहीं किए गए थे।
समर स्पेशल के नाम पर चलाई गई इस ट्रेन को लेकर पूरे दिन यात्रियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही। बड़ी संख्या में लोग टिकट उपलब्ध होने की उम्मीद लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन उन्हें टिकट बुकिंग को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। कई यात्रियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और रेलवे काउंटर पर जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन टिकट नहीं मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों से बातचीत में कई लोगों ने बताया कि वे दिल्ली में आयोजित डी-लिङ्क्षस्टग के आंदोलन में शामिल होने जा रहे हैं। यात्रियों के इस बयान ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर समर स्पेशल के रूप में चलाई गई यह ट्रेन वास्तव में आम जनता की सुविधा के लिए थी या किसी विशेष संगठन अथवा समूह के लोगों को दिल्ली पहुंचाने के लिए संचालित की गई थी। यदि ट्रेन आम लोगों के लिए थी, तो टिकट बुङ्क्षकग क्यों शुरू नहीं हुई? और यदि यह विशेष उद्देश्य से संचालित की गई थी, तो इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? प्रचार में यह क्यों कहा गया कि यह समर स्पेशल ट्रेन है।
स्थानीय यात्रियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब किसी ट्रेन को ’’समर स्पेशल’’ के रूप में प्रचारित किया जाता है, तो उससे आम लोगों को अतिरिक्त सुविधा मिलने की उम्मीद रहती है। ऐसे में टिकट बुकिंग नहीं खुलने और ट्रेन के भरकर रवाना होने से स्वाभाविक रूप से सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने रेलवे से पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने और भविष्य में पारदर्शी व्यवस्था अपनाने की मांग की है।
गर्मी के मौसम में बस्तर से दिल्ली समर स्पेशल ट्रेन शुरू होने की खबर से यात्रियों को राहत की उम्मीद जगी थी। कई यात्रियों ने बताया कि वे दिल्ली और उत्तर भारत की यात्रा के लिए इस ट्रेन में सीट मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। कुछ लोग स्टेशन पहुंचकर टिकट संबंधी जानकारी लेते रहे, जबकि कई यात्रियों ने ऑनलाइन पोर्टल पर भी सीट उपलब्धता तलाशने का प्रयास किया। लेकिन टिकट जारी नहीं होने से उन्हें मायूस होना पड़ा।
पूरे मामले में रेलवे प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। यह भी साफ नहीं किया गया है कि ट्रेन पूरी तरह आरक्षित व्यवस्था के तहत संचालित की गई या सामान्य यात्रियों के लिए भी इसमें टिकट उपलब्ध कराए जाने थे। रेलवे सूत्रों के मुताबिक ट्रेन सुरक्षित रूप से 1440 यात्रियों को लेकर जगदलपुर से रवाना हुई और संचालन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई। हालांकि टिकट व्यवस्था और ट्रेन के वास्तविक उद्देश्य को लेकर उठ रहे सवालों ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी है।
Published on:
22 May 2026 11:03 am
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