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डोंगरगढ़ में गढ़ माता की पूजा के बाद दी गई मुर्गे की बलि, आदिवासी समाज में आक्रोश

Garh Mata Temple controversy: डोंगरगढ़ के गढ़ माता मंदिर में मुर्गे की बलि के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने किशोर नेताम को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जिसके बाद आदिवासी समाज में नाराजगी बढ़ी और आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
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राजनंदगांव

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Laxmi Vishwakarma

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Updated: 24 May 2026, 12:29 PM IST

Sacrificial practices controversy

डोंगरगढ़ में मुर्गे की बलि पर बवाल (फोटो सोर्स: पत्रिका)

Sacrificial practices controversy: छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में गढ़ माता मंदिर में मुर्गे की बलि का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। करीब पांच दिन पहले हुई इस घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक किशोर नेताम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई से आदिवासी समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है। समाज के लोगों का कहना है कि यह उनकी पारंपरिक धार्मिक मान्यता से जुड़ा मामला है। वहीं, युवक को जल्द जमानत नहीं मिलने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

Sacrificial practices controversy: 5 दिन पहले हुई थी घटना

सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला करीब पांच दिन पुराना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, गढ़ माता मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक मान्यता के तहत मुर्गे की बलि दी गई थी। घटना की जानकारी सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। मामले की सूचना मिलने के बाद डोंगरगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोर नेताम नाम के युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मामला और गरमा गया है।

आदिवासी समाज में नाराजगी

स्थानीय आदिवासी समाज का कहना है कि यह उनकी पारंपरिक धार्मिक आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। समाज के लोगों का आरोप है कि उनकी धार्मिक मान्यताओं को समझे बिना कार्रवाई की गई है, जिससे समुदाय में नाराजगी है।

जमानत नहीं मिली तो आंदोलन की चेतावनी

सूत्रों के अनुसार, आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने साफ कहा है कि अगर गिरफ्तार युवक किशोर नेताम को जल्द जमानत नहीं मिली, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इसे लेकर समाज के भीतर बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि गढ़ माता मंदिर में पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराओं को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। ऐसे में यह नया मामला फिर से क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक बहस को हवा दे रहा है।

Sacrificial practices controversy: प्रशासन की नजर पूरे मामले पर

फिलहाल प्रशासन और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।