इस ऐतिहासिक खोज से प्रदेश के वन्यजीव और पर्यावरण अनुसंधान को वैश्विक स्तर पर एक नया आधार मिलेगा। यह महत्वपूर्ण शोध डॉ. अविनाश आर. निचत, डॉ. केके हैरिस, जशवंत नायक, मानसी मजूमदार और राजनांदगांव के प्रतिभावान रिसर्च स्कॉलर हितेश कुमार वारते की संयुक्त टीम द्वारा किया गया है। स्पाइडर डायवर्सिटी पर केंद्रित इस अध्ययन में निम्नलिखित प्रजातियों की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि हुई है।