13 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रायपुर में मौत को खुला न्योता! हाईटेंशन बिजली लाइनों के नीचे अवैध निर्माण, नियमों की उड़ रहीं धज्जियां

High Tension Power Lines: रायपुर के कई इलाकों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर मकान, छज्जे और सीढ़ियां बनाई जा रही हैं, जबकि बिजली विभाग के नियमों के अनुसार निर्धारित दूरी और ऊंचाई बनाए रखना अनिवार्य है।
2 min read
Google source verification

रायपुर

image

Khyati Parihar

image

दिनेश कुमार

Jul 13, 2026

Power line safety distance

बिजली लाइनों से सटाकर अवैध निर्माण (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@दिनेश कुमार।Raipur illegal construction: प्रदेश सहित रायपुर में बिजली के खंभों और हाईटेंशन लाइनों के नीचे व आसपास बने अवैध मकान आए दिन बड़े हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। शहर के कई इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर बिजली के खंभों के बेहद नजदीक मकान तान दिए गए हैं, या तारों के ठीक नीचे निर्माण कर लिया गया है। बिजली विभाग के नियमानुसार 33केवी, 11केवी और एलटी (लो-टेंशन) लाइनों के खंभों से घरों की एक निश्चित दूरी तय की गई है।

भवन निर्माण के समय इस निर्धारित दूरी को छोड़ना अनिवार्य है, लेकिन लोग न सिर्फ नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि घरों के आगे अवैध छज्जे और सीढ़ियां निकालकर सीधे मौत को बुलावा दे रहे हैं। इस पूरे खेल में बिजली विभाग के अधिकारी भी सिर्फ नोटिस देने की रस्म अदायगी कर शांत बैठ जाते हैं, जिससे मकान मालिकों के हौसले बुलंद हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नियम विरुद्ध निर्माण करने वालों को केवल चेतावनी नहीं दी जाती, बल्कि इसकी सूचना अन्य संबंधित विभागों को भी दी जाती है ताकि वे निर्माण रुकवा सकें।

क्या हैं दूरी और ऊंचाई के नियम

सुरक्षा के लिहाज से विद्युत सुरक्षा शाखा और बिजली विभाग के कड़े प्रावधान हैं। भवन से बिजली तारों की क्षैतिज दूरी कम से कम 1.20 मीटर होनी चाहिए। भवन की ऊर्ध्वाधर ऊंचाई ऊपर से गुजरने वाले बिजली तार से कम से कम 2.50 मीटर नीचे होनी चाहिए। इसके बावजूद शहरभर में इन नियमों का उल्लंघन कर धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी हैं।

दुर्घटना के बाद जागता है प्रशासन

रायपुर में कई बड़े-बड़े व्यावसायिक और आवासीय निर्माण अवैध तरीके से बिजली लाइनों के साए में हो रहे हैं। बिजली विभाग जहां नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है, वहीं नगर निगम का अमला भी इस तरफ से आंखें मूंदे बैठा है। जब कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है, तब दोनों विभाग जागते हैं और अपनी कमियां छुपाने के लिए सारा दोष मकान मालिक पर मढ़कर बचने के बहाने ढूंढने लगते हैं।

शहर में बिजली तारों के नीचे और खंभों के पास नियम विरुद्ध बने निर्माणों को विभाग समय-समय पर नोटिस जारी करता है। इस नोटिस की कॉपी पुलिस विभाग, नगर निगम और विद्युत सुरक्षा शाखा समेत पांच संबंधित विभागों को भेजी जाती है और कार्रवाई का अनुरोध किया जाता है ताकि आकस्मिक दुर्घटनाओं को रोका जा सके। - महावीर विश्वकर्मा, एसई (रायपुर परिक्षेत्र-1)