13 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छत्तीसगढ़ के क्रिटिकल मिनरल्स बनेंगे देश की नई ताकत, खनिज सचिव पी. दयानंद का दावा- 50% रोडमैप इन्हीं पर फोकस

Chhattisgarh News: खनिज सचिव पी. दयानंद ने कहा कि विभाग के मौजूदा एक्सप्लोरेशन रोडमैप का 50 प्रतिशत हिस्सा क्रिटिकल मिनरल्स पर केंद्रित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक खनन, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार और प्रभावित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
2 min read
Google source verification
Chhattisgarh News

खनिज सचिव पी. दयानंद (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh Critical Minerals: वैश्विक स्तर पर ऊर्जा परिवर्तन, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा और हाईटेक उद्योगों की बढ़ती जरूरतों के बीच क्रिटिकल और रेयर मिनरल्स नई अर्थव्यवस्था की धुरी बन चुके हैं। राष्ट्रीय खनिज उत्पादन में 18 से 20 प्रतिशत का योगदान देने वाला छत्तीसगढ़ इस बदलाव का नेतृत्व करने की तैयारी में है। राज्य सरकार अब केवल पारंपरिक खनन नहीं, बल्कि वैज्ञानिक उत्खनन, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार, वैल्यू एडिशन और नए क्रिटिकल मिनरल्स की खोज पर जोर दे रही है। खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने इन मुद्दों पर 'पत्रिका' से विस्तार से बातचीत की।

प्रश्न: रेयर और क्रिटिकल मिनरल्स कितने महत्वपूर्ण हैं और विभाग का रोडमैप क्या है?

उत्तर: भविष्य इन्हीं खनिजों का है। स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश की भूगर्भीय संरचना इन खनिजों के लिए अनुकूल है। नए क्षेत्रों की खोज सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जीएसआई और सीएमडीसी के सहयोग से व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। वर्तमान एक्सप्लोरेशन का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा क्रिटिकल मिनरल्स पर केंद्रित है और अगले एक-दो वर्षों में कई नए ब्लॉकों में खनन शुरू होने की उम्मीद है।

प्रश्न: क्या छत्तीसगढ़ वैश्विक सप्लाई चेन में बड़ी भूमिका निभा सकता है?

उत्तर: यदि अनुमान के अनुरूप भंडार मिलते हैं, तो राज्य न केवल देश की जरूरतें पूरी करेगा बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भी महत्वपूर्ण स्थान हासिल करेगा।

प्रश्न: खनन और पर्यावरण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा?

उत्तर: हमारी नीति स्पष्ट है कि खनन पूरी तरह वैज्ञानिक, टिकाऊ और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप होगा। पर्यावरण संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हर परियोजना में स्थानीय समुदायों के हित, रोजगार और प्राकृतिक संतुलन सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।

प्रश्न: विस्थापन और निवेश को लेकर सरकार की नीति क्या है?

उत्तर: पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के तहत प्रभावित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास के बिना किसी परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाता। वहीं, राज्य में उपलब्ध 28 प्रमुख खनिजों के आधार पर निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। नए ब्लॉकों की वैज्ञानिक पहचान और पारदर्शी आवंटन के माध्यम से दीर्घकालिक औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।