
Chhattisgarh News: राजनांदगांव। मणिपुर की घटना के विरोध में रविवार को आदिवासी समाज और कांग्रेसी नेताओं की मौजूदगी में मानपुर में सभा हुई। इस दौरान आदिवासी समाज के नेता सुरजू टेकाम ने सार्वजनिक रूप से भाजपा नेताओं को निशाने पर लेते हुए बयान दिया। इस बयान (Manipur incident) के बाद से वनांचल के भाजपा नेताओं में रोष बना हुआ है। आक्रोशित भाजपा नेताओं ने सोमवार को मानपुर थाना के सामने सड़क पर बैठ गए। देर तक भाजपा नेता धरने पर बैठे रहे और 48 घंटे के भीतर आदिवासी नेता की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
इधर विधायक ने वीडियो जारी की विरोध किया: इधर भाजपा नेताओं ने सभा के दौरान मानपुर-मोहला विधायक इंदरशाह मंडावी की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया कि विधायक मंच पर मौजूद थे पर उन्होंने आदिवासी नेता को ऐसे बयान देने से रोका नहीं। इधर भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया सामने आते ही विधायक इंदरशाह मंडावी ने सोशल मीडिया में एक (CG Hindi News) वीडियो वायरल कर मानपुर में आदिवासी नेता की ओर से दिए आपत्तिजनक बयान का स्वयं विरोध किया। कहा कि प्रदर्शन मणिपुर की घटना को लेकर था पर उक्त आदिवासी नेता आपत्तिजनक बातें कहीं, जिसका वे विरोध करते हैं।
इन पर आरोप लगाए गए
मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी जिले के भाजपा अध्यक्ष संजीव शाह की मौजूदगी में भाजपा पदाधिकारियों ने थाने में आवेदन दिया। आरोप लगाया कि मंच पर मौजूद आदिवासी नेता गोविंद शाह वाल्को, दिनेश उसेंडी और विधायक इंदरशाह मंडावी ने भड़काऊ भाषण का समर्थन किया। कहा कि आगामी विधानसभा का चुनाव होना है और इनकी ओर से जानबूझकर माहौल को खराब किया जा रहा है।
मणिपुर की घटना के विरोध में मानपुर में रविवार को हुई सभा में आदिवासी नेता सुरजू टेकाम ने भाजपा नेताओं को लेकर आपत्तिजनक बातें कहीं
गिरफ्तारी नहीं होने से उग्र आंदोलन की दी चेतावनी, मानपुर में जुटेंगे भाजपाई
3 अगस्त को होगा प्रदर्शन
भाजपा की जिला महामंत्री नम्रता सिंह ने बताया कि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो 3 अगस्त को मानपुर में प्रदर्शन किया जाएगा। पुलिस की ओर से आवेदन लेने में ही आनाकानी की जा रही थी।
48 घंटे की दी मोहलत
भाजपा नेताओं ने थाने में ज्ञापन सौंपकर पुलिस को 48 घंटे की मोहलत दी है। कहा है कि एफआईआर कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। भाजपा नेताओं ने बताया कि पुलिस ने पहले आवेदन लेने से इंकार कर दिया। इस वजह से थाने के सामने चक्काजाम करने मजबूर हो गए। इसके बाद आवेदन लिया गया।