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Naxal Free Zone: छत्तीसगढ़ में ITBP बेस कैंप बना स्कूल, विद्यार्थियों के भविष्य को मिली नई उड़ान

Chhattisgarh News: नक्सल मुक्त होने के बाद ITBP बेस कैंप को शासकीय हाई स्कूल को सौंप दिया गया है। अब इस भवन में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं, सुरक्षित परिसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
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Naxal Free Zone

ITBP बेस कैंप बना स्कूल (Photo Patrika)

Schools in ITBP Camp: कभी सुरक्षा बलों की तैनाती और नक्सल विरोधी अभियानों का केंद्र रहा परिसर अब बच्चों की शिक्षा का केंद्र बनेगा। मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी जिले के पूर्व नक्सल प्रभावित तुमड़ीबोड़ में शांति और विकास की नई मिसाल सामने आई है। यहां भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के बेस कैंप भवन और परिसर को अब शासकीय हाई स्कूल, तुमड़ीबोड़ के लिए हस्तांतरित कर दिया गया है।

विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं

यह बदलाव केवल भवन के उपयोग का नहीं, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सामान्य होते हालात और विकास की दिशा में बढ़ते कदमों का भी प्रतीक माना जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार विद्यालय प्रबंधन को भवन का विधिवत अधिग्रहण कर उसका उपयोग केवल शैक्षणिक गतिविधियों के लिए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध होंगे।

वर्षों तक सुरक्षा का केंद्र रहा था कैंप

जानकारी के अनुसार, ITBP की 27वीं बटालियन द्वारा ग्राम तुमड़ीबोड़ स्थित बेस कैंप खाली किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने इस भवन को शिक्षा विभाग को सौंप दिया। नक्सल प्रभावित दौर में विद्यार्थियों की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कैंप विद्यालय परिसर में संचालित किया जा रहा था। अब क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों में कमी आने और हालात सामान्य होने के बाद सुरक्षा बलों की तैनाती अन्य स्थानों पर कर दी गई है। इसके बाद प्रशासन ने इस भवन का उपयोग शिक्षा के लिए करने का निर्णय लिया।

विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर शैक्षणिक माहौल

अतिरिक्त भवन मिलने से विद्यालय में कक्षाओं का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। साथ ही विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कार्यालय और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा।

विद्यालय में लंबे समय से अतिरिक्त भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। जगह की कमी के कारण विद्यार्थियों को कई सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा था। नए भवन के मिलने से स्कूल का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।

ग्रामीणों ने फैसले का किया स्वागत

स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास का प्रतीक बताया है। उनका कहना है कि जिस परिसर में कभी सुरक्षा बल तैनात रहते थे, वहां अब बच्चों का भविष्य संवरना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। ग्रामीणों का मानना है कि यह बदलाव न केवल शिक्षा को नई दिशा देगा, बल्कि क्षेत्र में सामान्य जीवन की वापसी का भी मजबूत संकेत है।

शिक्षा और विकास पर प्रशासन का फोकस

जिला प्रशासन का कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है। ITBP बेस कैंप का विद्यालय को हस्तांतरण इसी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। प्रशासन का मानना है कि आने वाले वर्षों में इस फैसले से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन, सुरक्षित परिसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। वहीं, यह कदम इस बात का भी प्रतीक है कि जहां कभी बंदूकें सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रही थीं, वहीं अब उसी स्थान पर किताबें और शिक्षा भविष्य का निर्माण करेंगी।