राजनंदगांव

सरकार की जय हो…. भटगांव से कलेवा-कुंआरझोरकी मार्ग बना जानलेवा, ८ किमी सफर चुनौतीपूर्ण

जर्जर मार्ग की सुध नहीं, हिचकोले खा रहे ग्रामीण
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Updated: 25 Aug 2018, 11:31 AM IST
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जर्जर.. लगभग 8 किमी का सफर में 8 सौ से ज्यादा गड्ढे हो गए है। ग्रामीण व स्कूली बच्चे परेशानी झेल रहे है।

राजनांदगांव / ठेलकाडीह. अंचल में करोड़ों रूपए के रोड निर्माण तो हो रहा है। जहां एक ओर लोगों को आवाजाही में आसानी हो रही है तो दूसरी ओर सालों से रोड का नवनिर्माण नहीं होने से परेशान है। क्षेत्र के भटगांव से कलेवा मार्ग अत्यंत जर्जर स्थिति में है। लोग जान जोखिम में डालकर इस मार्ग में सफर करने का मजबूर है। कई बार मार्ग में हादसा हो चुका है। इसके बाद भी यह मार्ग प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रहा है। खास बात यह है कि इस मार्ग के बनने के बाद आज तक मरम्मत तक नहीं हो पाई है। जिससे हर दो कदम में गड्ढे हो गए है। इन गड्ढों में रोजाना हजारों लोग हिचकोले खाने को मजबूर है। ग्राम भटगांव से कलेवा-कुआंरझोरकी, भैंसातरा, जोगीदल्ली से खैरागढ़-राजनांदगांव मुख्य मार्ग है। लगभग 8 किमी का सफर में 8 सौ से ज्यादा गड्ढे हो गए है। ऐसे में ग्रामीण, स्कूली बच्चें सहित अन्य लोग परेशानी झेल रहे है।

गड्ढों में पानी चलने में परेशानी
मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढेेे होने से बरसात का पानी इन्हीं गड्ढों में भर गया है। जिससे गड्ढों की गहराई का आंकलन नहीं हो पाता है। फलस्वरूप गाडिय़ां हिचकोले खाते है। कई बार तो गड्ढे के चलते अनबैलेंस होकर गिरकर चोटिल हो जाते है। गनीमत है कि गंभीर हादसा नहीं हुआ है।

बदहाली का शिकार हो गया है मार्ग
आपकों बता दे कि यह मार्ग बदहाली का शिकार हो गया है। इस क्षेत्र के लोगों की आवाजाही के लिए प्रमुख मार्ग है। इसके बाद न तो नेताओं को चिंता है और ना ही प्रशासनिक अफसरों को। मतलब साफ है अधिकारियों को सड़कों पर चलने से जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नही है।

स्कूली बच्चें है बेहद परेशान
जर्जर मार्ग स्कूली बच्चों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। रोजाना इस मार्ग से कलेवा-कुआरझोरकी सहित अन्य गांवों के सैकड़ों स्कूली बच्चे भैंसातरा हाईस्कूल पढऩे जाते है। यह मार्ग जर्जर होने के कारण जानलेवा भी साबित हो रहा है। इस मार्ग पर चारपहिया वाहन आने पर साइड तक देने की जगह नहीं रहती है। कई बार गड्ढों में पानी होनेेे के कारण गाडिय़ां रांग साइड में भी आ जाते है। जिससे हादसे होने का डर बना रहता है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने जल्द ही मार्ग का नवनिर्माण करने मांग की है।

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