
राजनांदगांव/खैरागढ़. खैरागढ़ के दिवंगत विधायक देवव्रत सिंह की फोटो का निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी द्वारा उपयोग करने पर जमकर बवाल मच गया है। वहीं दिवंगत विधायक देवव्रत सिंह के फोटो के राजनीतिक उपयोग को लेकर शुरू हुए विवाद में नया मोड़ आ गया है। अब देवव्रत सिंह के बेटे आर्यव्रत और बेटी शताक्षी ने उनके समर्थक प्रबल खत्री को देवव्रत सिंह की फोटो लगाने की अनुमति दे दी है। उनके दोनों बच्चों ने बकायदा बयान जारी कर कहा है कि राजनीति के शुरुवाती दिनों से ही प्रबल खत्री, उनके पिता के साथ रहे हैं और वे उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।
फोटो लगाने की दी अनुमति
कोई भी व्यक्ति अपने आदर्श की फोटो अपने प्रचार बैनर में लगा सकता है। आर्यव्रत और शताक्षी ने जारी बयान में कहा कि मामले को अनावश्यक तूल न दिया जाए। इससे पहले देवव्रत सिंह की पत्नी विभा सिंह ने प्रबल खत्री के देवव्रत सिंह की तस्वीर उपयोग किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई थी और बयान जारी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। वार्ड 7 के निर्दलीय प्रत्याशी प्रबल खत्री ने अपने प्रचार पोस्टरों में देवव्रत सिंह के साथ शताक्षी सिंह और आर्यव्रत सिंह की तस्वीरों को भी स्थान दिया है।
मौजूदा पत्नी ने जताई थी आपत्ति
प्रबल देवव्रत सिंह के कट्टर सर्मथकों में गिने जाते रहे हैं। जिसके बाद से ही आपत्ति और समर्थन का दौर शुरू हुआ है। ख़ैरागढ़ की सियासत का सबसे बड़ा राजनीतिक घराना अब बंटता हुआ नजर आ रहा है। देवव्रत सिंह की पत्नी विभा सिंह जनता कांग्रेस का समर्थन करती नजऱ आ रही हैं। जनता कांग्रेस के प्रत्याशियों ने अपने प्रचार पोस्टरों में सिंह के साथ उनकी पत्नी विभा सिंह की तस्वीरें लगा रखी हैं।
पहली पत्नी कांग्रेस के समर्थन में
वहीं दिवंगत विधायक की पूर्व पत्नी पद्मा सिंह और बेटी शताक्षी और बेटा आर्यव्रत कांग्रेस को समर्थन के संकेत दे चुके हैं। उनके ज्यादातर समर्थक एक-एक कर कांग्रेस का दामन थामते नजऱ आ रहे हैं। वहीं वार्ड क्रमांक 7 के निर्दलीय प्रत्याशी प्रबल खत्री ने कहा कि देवव्रत सिंह उनके जैसे सैकड़ों कार्यकर्ताओं के आदर्श रहे हैं। इसीलिए अपने प्रचार पोस्टरों में उनकी तस्वीर लगा रखी है।