
छत्तीसगढ़ में मौसम बना आफत (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Chhattisgarh Weather Havoc: छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं तेज धूप तो कहीं बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी है। गरज-चमक के साथ हो रही बारिश कई इलाकों में तबाही भी मचा रही है। इसी बीच राजनांदगांव जिले से दो दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं, जहां तेज आंधी और बारिश के बीच हुए अलग-अलग हादसों में एक महिला और दो वर्षीय मासूम बच्ची की जान चली गई। दोनों घटनाओं के बाद गांवों में शोक का माहौल है।
पहली घटना डोंगरगढ़ विकासखंड के बोरतलाव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फक्कीटोला की है। जानकारी के अनुसार 50 वर्षीय महरीन बाई तारम अपने घर में धान उड़ाने वाले पंखे के पास काम कर रही थीं। इसी दौरान तेज आंधी के चलते पंखा अचानक गिर गया। पंखे की चपेट में आने से उनके सिर में गंभीर चोट लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर निकले, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
वहीं दूसरी घटना बरनाराकला गांव की है, जहां दो वर्षीय मासूम बच्ची खेलते-खेलते घर के पीछे स्थित स्टॉप डैम से जुड़े नाले के पास पहुंच गई। लगातार बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव काफी तेज था। इसी दौरान बच्ची फिसलकर उफनते पानी में गिर गई और बह गई।
बच्ची के अचानक लापता होने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद उसकी मां को नाले के पानी में बच्ची का शव दिखाई दिया। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि बच्ची के पिता अजय कोसा खेती-किसानी का कार्य करते हैं।
दोनों घटनाओं की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। इधर मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही अभिभावकों को बच्चों पर विशेष नजर रखने और जलभराव वाले क्षेत्रों तथा उफनते नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
वहीं जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड क्षेत्र में शनिवार सुबह मौसम के अचानक बदले मिजाज ने ग्रामीणों और पशुपालकों को बड़ा झटका दिया। तेज बारिश, आंधी-तूफान और गरज-चमक के बीच हुए वज्रपात की दो अलग-अलग घटनाओं में कुल 15 मवेशियों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से प्रभावित होकर बेहोश हो गई, उसका उपचार अस्पताल में जारी है।
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम अमडीहा क्षेत्र में सुबह मवेशी चराई के लिए निकले हुए थे। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई और अचानक आकाशीय बिजली मवेशियों के झुंड पर गिर गई। वज्रपात इतना तेज था कि कई मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राजस्व एवं पशुपालन विभाग को अवगत कराया।
वहीं ग्राम पुराइनबंध में भी वज्रपात की दूसरी घटना सामने आई। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार बिजली गिरने से 12 बकरियां, 2 बैल और 1 बछिया की मौत हो गई। घटना के समय बकरी चरा रही महिला उर्मिला पैंकरा भी इसकी चपेट में आ गई, जिससे वह बेहोश हो गई। ग्रामीणों की मदद से उसे तत्काल तपकरा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
Published on:
31 May 2026 04:46 pm
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