समर्थन मूल्य, बोनस, कृषि ऋण, सूखा राहत, फसल बीमा के नाम पर
राजनांदगांव / डोंगरगढ़. भाजपा सरकार पर डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू ने किसानों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए किसानों के आत्महत्या के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। धान का समर्थन मूल्य 2100 रूपये, प्रतिवर्ष प्रति क्विंंटल 300 रूपये बोनस, शून्य प्रतिशत में कृषि ऋण, धान खरीदी में लिमिट निर्धारण कर, सूखा राहत में अनियमितता, चना का समर्थन मूल्य व प्रोत्साहन राशि जैसे विषयों पर किसानों को धोखा देने के बाद प्रधानमंत्री फसल बीमा के नाम पर किसानों को धोखा दिया है। इसके बावजूद स्वयं मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह व सांसद अभिषेक सिंह किसानों को वास्तविकता को गंभीरता से लेने के बजाए झूठी वाहवाही लूटने में मशगूल है।
विधानसभा में विधायक ने उठाया मुद्दा
इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया गया और सरकार से सवाल किया गया गया कि सूखा राहत पर 6/4 के तहत तो पहले से आपात स्थति पर राहत का प्रावधान से पहले से है पर सरकार द्वारा सभी तहसील को सूखा घोषित करने का किसानों को क्या लाभ मिला, जिसका संतोषजनक जवाब दे नही पाए, किसानों को आधे अधूरे लाभ देकर किसान हितैषी होने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। विधानसभा में दी गई जानकारी अनुसार जिले में अभी भी किसानों को सूखा राहत राशि 1 करोड़ 78 लाख रूपये का भुगतान नही कर पाया है। इसी तरह प्रधानमंत्री फसल बीमा में भी भारी लापरवाही कर किसानों के साथ धोखा किया है, पिछले पांच साल के औसत उपज के साथ वर्तमान फसल उत्पादन के अंतर को आधार माना जाएगा, किसानों को धोखे में रखकर जर्बदस्ती प्रीमियम जमा कराया गया।
फसल बीमा का सपना दिखाया था
विधायक ने कहा कि किसानों को अभी फसल बीमा के नाम पर किसानों को सपना दिखाया गया पर जो सपना किसानों को दिखाया गया था वह नही मिला। डोंगरगांव तहसील सहित पूरा जिला विगत 3 सालों से सूखा की चपेट में है। इस साल तो घोर अकाल का सामना किसानों को करना पड़ा। सरकार द्वारा सभी तहसीलों को सूखा क्षेत्र तो घोषित कर दिया पर किसानों को जो उम्मीद थी वह लाभ से वंचित होना पड़ा। सरकार द्वारा पूरा क्षेत्र को सूखा घोषित करने के बाद किसानों का कर्ज माफ होना था। पिछले साल आंशिक सूखे की स्थति में 75 प्रतिशत ऋृण अदायगी करने वाले किसानों का 25 प्रतिशत की राशि माफ हुआ।