
Chhattisgarh News: मनगटा वन चेतना केन्द्र के आसपास संचालित रिसॉर्ट अब प्रशासन के निशाने पर आ गए हैं। क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक पड़ताल में यह पुष्टि हुई है कि कुछ रिसॉर्ट संचालकों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण किया है। प्रशासन ने ऐसे संचालकों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं।
यदि तय समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन बड़े पैमाने पर तोडफ़ोड़ की कार्रवाई कर सकता है। प्रशासन ने राजस्व विभाग के माध्यम से संबंधित भूमि की नापजोख कराई है। पटवारियों की रिपोर्ट में कई स्थानों पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है। इसके बाद संबंधित रिसॉर्ट संचालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मनगटा क्षेत्र के रिसॉर्ट पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार यहां संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की शिकायत प्रशासन से की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि रिसॉर्ट में देर रात तक गतिविधियां चलती हैं।
इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन पहले भी सक्रिय रहा है। हाल ही में मनगटा क्षेत्र में लगभग 150 एकड़ भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। जांच में सामने आया था कि बिना वैधानिक अनुमति के जमीन की खरीद-फरोख्त कर मिनी सिटी बसाने की तैयारी चल रही थी। प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाई और जमीन कारोबारियों की योजनाओं पर पानी फेर दिया।
अब प्रशासन की नजर उन सभी रिसॉर्ट पर है, जिनकी भूमि संबंधी स्थिति संदिग्ध है। राजस्व, वन और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। जिन मामलों में सरकारी जमीन पर कब्जा या नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद अतिक्रमण नहीं हटाने वाले रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाया जा सकता है।
इधर, क्षेत्र में चल रही कार्रवाई को लेकर रिसॉर्ट संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति है। कई संचालक अपने दस्तावेजों को दुरुस्त कराने और प्रशासन के समक्ष पक्ष रखने की तैयारी में जुटे हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अवैध कब्जों और नियमों के विरुद्ध संचालित रिसॉर्ट पर सख्त कार्रवाई होती है तो इससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत होगी और सरकारी जमीन की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।
कलेक्टर जितेंद्र यादव ने बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने की शिकायत सामने आई है। रिसॉर्ट संचालकों को नोटिस दिया गया है। आगे कार्रवाई की जाएगी।