
बारिश (Photo - IANS)
Chhattisgarh Monsoon Update: राजनांदगांव जिले में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक औसत से काफी कम बारिश होने के कारण खरीफ सीजन की बोआई अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी है। धान की खेती पर निर्भर जिले के हजारों किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशांत महासागर में बने अल नीनो के प्रभाव से मानसून की सक्रियता प्रभावित हुई है, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
जिले में इस साल 1 लाख 78 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोआई का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 1 लाख 69 हजार हैक्टेयर में धान, जबकि शेष क्षेत्र में दलहन, तिलहन और अन्य फसलें लगाई जाएंगी। खेती की तैयारियों के लिए किसानों ने सहकारी समितियों से करोड़ों रुपए का कृषि ऋण भी लिया हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून से बादलों की सक्रियता बढ़ने लगेगी। 1 से 5 जुलाई के बीच जिले के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो धान की रोपाई में तेजी आएगी और खरीफ सीजन को नई गति मिलेगी।
राजधानी में आज आसमान आंशिक रूप से मेघमय रह सकता है। गरज-चमक के साथ बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
बारिश की कमी का असर भू-जल स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। शिवनाथ नदी सहित अधिकांश नदी-नाले, तालाब और छोटे-बड़े बैराज पूरा जून बीत जाने के बाद भी सूखे पड़े हुए हैं। इससे सिंचाई और पेयजल को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है।
अब तक जिले में खंड वर्षा की स्थिति बनी हुई है। कुछ क्षेत्रों में ठीक बारिश होने से किसान छिडक़ाव पद्धति से बोआई कर रहे हैं, जबकि सिचिंत क्षेत्र वाले किसान धान की नर्सरी (थरहा) तैयार कर बारिश का इंतजार कर रहे हैं। सिंचित क्षेत्र वाले जिले के ज्यादातर किसान लाइचोपी पद्धति से धान की बोनी कर रहे हैं।
Updated on:
29 Jun 2026, 5:00 PM IST
Published on:
29 Jun 2026, 5:00 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.