
नकटी में विधायक आवास के विरोध में कांग्रेस ( Photo - Patrika )
Chhattisgarh News: एयरपोर्ट के पास नकटी गांव के ग्रामीणों के घरों को तोड़कर बेदखल करने का मामला लगातार तूल पकड़ते जा रहा है। कांग्रेस जहां इस मामले को लेकर लगातार सरकार, उनके मंत्रियों, विधायकाें और प्रशासन को घेर रही है। वहीं, भाजपा संगठन और मंत्रियों ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है। इस मामले में कांग्रेस के 10 विधायकों ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विधायक आवास बनाने का विरोध जता चुके हैं। वहीं, इस मामले में भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल और पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल मुखर होकर सामने आए। पूर्व विधायक पटेल ने इस मामले में सीएम से मुलाकात करने की भी बात कही है। वहीं, विधायक अनुज शर्मा का भी बयान सामने आया है।
नकटी में बनाई जाने वाली विधायक कॉलोनी और ग्रामीणों को बेदखल करने को लेकर कांग्रेस विधायकों के पत्र लिखने का सिलसिला जारी है। विधायक संगीता सिन्हा, कविता प्राण लहरे, यशोदा नीलांबर वर्मा, हर्षिता स्वामी बघेल, जनकराम ध्रुव, चातुरीनंद, ओंकार साहू, फूल सिंह राठिया, संदीप साहू और विद्यावती सिदार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि नकटी गांव के सैकड़ों ग्रामीण वर्षों से वहां रह रहे थे। उनके घरों को तोड़कर विधायक कॉलोनी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो गलत है। ग्रामीणों को वापस गांव में बसाया जाए। साथ ही विधायक कालोनी के आवास को अन्य जगह बनाया, जो न्याय संगत रहेगा।
Raipur Nakti Gaon: दिल्ली से लौटने के बाद एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नकटी के ग्रामीणों के घरों को तोड़फोड़ करने पर कहा, पिछले तीन साल से वे नकटी के ग्रामीणों के लिए प्रयासरत है। आज भी उनके साथ खड़े हैं। बात करने के बावजूद ग्रामीणों के घर रात के अंधेरे में तोड़ना पूरी तरह से धृष्टता है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस को इस मामले में राजनीति बिल्कुल नहीं करना चाहिए। नकटी का मामला संवेदनशील है।
नकटी के मामले को लेकर भाजपा अब तक पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। कांग्रेस के तीखे तेवर और नकटी के ग्रामीणों के आक्रोश के साथ-साथ प्रदेशभर से आ रही तीखी प्रतिक्रिया को सरकार और भाजपा संगठन ने गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि शुक्रवार को नकटी के मामले को लेकर सीएम हाउस या फिर प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठक होगी। इस मामले का हल निकाला जाएगा। सूत्र बताते हैं कि फिलहाल नकटी गांव के मामले को लेकर पार्टी स्तर पर मंत्रियों-विधायकों को बोलने के लिए मना किया गया है।
नकटी के ग्रामीणों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू की संयोजन में 13 सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति इस मामले में आगे के संघर्ष की रणनीति तैयार करेगी। इसमें पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया, विकास उपाध्याय, राजेन्द्र पप्पू बंजारे, श्रीकुमार शंकर मेनन, अनिता शर्मा, पंकज शर्मा, भावेश बघेल, आशीष वर्मा, कमलनारायण साहू, मुकेश पाल, लता साहू और धनेश्वरी यादव शामिल हैं।
Updated on:
03 Jul 2026 10:54 am
Published on:
03 Jul 2026 10:52 am
