राजनंदगांव

Special Memu Train: श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात… नवरात्रि के दौरान इतवारी-कोरबा मेमू स्पेशल ट्रेन चलेगी, देखें शेड्यूल

Special Memu Train: नवरात्रि के अवसर पर मां बम्लेश्वरी मंदिर में लगने वाले विशाल मेले को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा प्रदान की है।

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ट्रेन। पत्रिका फाइल फोटो

Special Memu Train: नवरात्रि के अवसर पर मां बम्लेश्वरी मंदिर में लगने वाले विशाल मेले को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा प्रदान की है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे के नागपुर मंडल द्वारा विशेष मेमू ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे की ओर से नेताजी सुभाषचंद्र बोस (इतवारी) स्टेशन से कोरबा के बीच मेमू स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा। यह ट्रेन 23 मार्च से 28 मार्च तक यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी।

देखें शेड्यूल

गाड़ी संख्या 06883 नेताजी सुभाषचंद्र बोस (इतवारी)-कोरबा मेमू स्पेशल ट्रेन सुबह 5 बजे इतवारी से रवाना होकर विभिन्न मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुए शाम 7. 30 बजे कोरबा पहुंचेगी।

वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 06884 कोरबा-इतवारी मेमू स्पेशल ट्रेन सुबह 5.10 बजे कोरबा से प्रस्थान कर शाम 7.30 बजे इतवारी स्टेशन पहुंचेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार डोंगरगढ़ में नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस विशेष ट्रेन के संचालन से यात्रियों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।

एक ही जगह से उतरना पड़ता था

अब तक श्रद्धालुओं को एक ही जगह से ऊपर चढ़ना और नीचे उतरना पड़ता था। विशेषकर नवरात्र के दौरान भारी भीड़ के कारण अव्यवस्था की स्थिति बन जाती थी। कई बार लंबी कतारें, जाम जैसी स्थिति और धक्का-मुक्की से श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ती थी। ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल का कहना है कि इस नई व्यवस्था से भीड़ प्रबंधन में सुधार होगा। बिना परेशानी के दर्शन मिल सकेंगे।

भीड़ प्रबंधन में मिलेगा फायदा

अब तक श्रद्धालुओं को एक ही मार्ग से ऊपर चढ़ना और नीचे उतरना पड़ता था, जिससे खासकर नवरात्रि जैसे बड़े पर्वों पर भारी भीड़ के कारण अव्यवस्था की स्थिति बन जाती थी। कई बार जाम जैसी स्थिति बनती थी और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था से भीड़ का दबाव विभाजित होगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन का अनुभव मिलेगा। साथ ही, आपातकालीन स्थिति में भी प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

Published on:
20 Mar 2026 01:00 pm
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