Water Crisis in CG: अमृत मिशन योजना के तहत ढाई सौ करोड़ रुपए खर्च किए जाने के बावजूद दर्जनभर से अधिक वार्डों में पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
Water Crisis in CG: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही शहर के आउटर और पटरी पार क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। अमृत मिशन योजना के तहत ढाई सौ करोड़ रुपए खर्च किए जाने के बावजूद दर्जनभर से अधिक वार्डों में पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है। नया ढाबा से लेकर आसपास के इलाकों में पानी की भारी किल्लत सामने आ रही है।
स्थिति यह है कि गर्मी की शुरुआत में ही प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से जलापूर्ति करनी पड़ रही है। नगर निगम के अनुसार, शहर में प्रतिदिन लगभग 4 करोड़ लीटर पानी की खपत हो रही है। इसके बावजूद कई वार्डों के भीतरूनी इलाकों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
जलापूर्ति के लिए उपयोग किए जा रहे कई टैंकर पुराने और जर्जर हो चुके हैं। इनसे पानी सप्लाई के दौरान बड़ी मात्रा में पानी सड़कों पर ही बह जाता है। वहीं, टैंकर पहुंचते ही पानी भरने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन रही है।
जीवनदायिनी शिवनाथ नदी में जलस्तर कम होने के कारण अब अन्य स्रोतों से पानी लिया जा रहा है। फिलहाल मोखली एनीकट के बाद मोगरा बैराज से जलापूर्ति की जा रही है, ताकि शहर की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
नगर निगम द्वारा अमृत मिशन योजना के तहत 51 वार्डों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर पाइपलाइन विस्तार किया गया है। शहर में 45,000 से अधिक नल कनेक्शन होने के बावजूद आउटर और भीतरूनी क्षेत्रों में पानी की किल्लत बनी हुई है।
नया ढाबा, पुराना ढाबा, नवागांव, बापूटोला, बीड़ी श्रमिक कॉलोनी, 16 खोली, कन्हारपुरी, चिखली, शांति नगर, बसंतपुर, लखोली, राजीव नगर और नंदई जैसे क्षेत्रों में जल संकट अधिक गंभीर है। इन इलाकों में अभी से ही नियमित रूप से टैंकर भेजे जा रहे हैं।
नगर निगम के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिदिन 45 से 50 टैंकरों के जरिए जलापूर्ति की जा रही है। जल विभाग प्रभारी यूके रामटेके ने बताया कि जरूरत के अनुसार बड़े टैंकर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि पानी की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।
इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पाना अमृत मिशन योजना की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन विस्तार के बावजूद उन्हें नियमित जलापूर्ति नहीं मिल रही, जिससे गर्मी में उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
गर्मी अभी शुरू ही हुई है, ऐसे में आने वाले दिनों में जल संकट और गंभीर होने की आशंका है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि समय रहते ठोस कदम उठाकर शहरवासियों को राहत दिलाई जाए।