
राजसमंद। शहर की एक होटल से सटे आध्यात्मिक शिक्षा केन्द्र से 67 बालिकाओं को मुक्त करवाने के मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष आश्रम व होटल संचालक के विरुद्ध रिपोर्ट लेकर राजनगर थाने में पहुंचीं।
इसमें किशोरियों को सिरोही से अन्य जिले के पंजीकृत बालिका गृह में शि ट करने सिरोही कलक्टर के आदेश का हवाला है, जिसका उल्लंघन कर राजसमंद में होटल मालिक की मिलीभगत से इन्हें गुपचुप रूप से यहां स्थानांतरित कर दिया गया।
बाल कल्याण समिति के सूत्रों ने बताया कि माउंट आबू में राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम ने गत 11 जनवरी को छापामारी की थी। निरीक्षण रिपोर्ट पर बाल अधिकारिता निदेशक ने 30 मई को सिरोही कलक्टर को आबू रोड (सिरोही) व आबू पर्वत में नयाखेड़ा में संचालक बाबा वीरेन्द्र देव दीक्षित के गोमुख आश्रम का संचालन विधि विरुद्ध मिलने, अत्यंत संदिग्ध गतिविधियों और बालिकाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करते हुए सभी बच्चियों को राजकीय/पंजीकृत गृहों में दाखिला दिलाने को निर्देशित किया था।
इसकी पालना रिपाेर्ट भी मांगी थी। सिरोही के बाल अधिकारिता कार्यालय को यह पत्र मिलते ही आनन-फानन में आश्रम संचालक वहां गतिविधियां बंद कर गायब हो गए। बाल कल्याण समिति, राजसमंद का दावा है कि तब से ही आश्रम संचालक इन्हें लेकर यहां रह रहे हैं। राजसमंद की समिति को सिरोही में हुई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट मिलते ही शाम को थाने में मामला दर्ज करवाने की कार्रवाई शुरू हो गई।
रिपोर्ट में 51 बच्चियों की सूची है, जिनमें से 90 प्रतिशत वे हैं, जो सिरोही में निरीक्षण के दौरान वहां मिली थीं। शनिवार को सीएमएचओ डॉ. पंकज गौड़ मेडिकल जांच के लिए टीम लेकर बालिका गृह पहुंचे।