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29 करोड़ से बनेगा 100 बेड का उप जिला चिकित्सालय, जून तक पूरा होने की उम्मीद

भीम. उपखंड मुख्यालय भीम में चिकित्सा सुविधाओं को नई ऊंचाई देने वाला उप जिला चिकित्सालय एवं मातृ-शिशु चिकित्सा इकाई भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। दोनों परियोजनाओं के इस वर्ष जून तक पूर्ण होने की उम्मीद है। राज्य सरकार की ओर से नये वर्ष की शुरुआत में ही यह खबर भीम सहित […]

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भीम. उपखंड मुख्यालय भीम में चिकित्सा सुविधाओं को नई ऊंचाई देने वाला उप जिला चिकित्सालय एवं मातृ-शिशु चिकित्सा इकाई भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। दोनों परियोजनाओं के इस वर्ष जून तक पूर्ण होने की उम्मीद है। राज्य सरकार की ओर से नये वर्ष की शुरुआत में ही यह खबर भीम सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। भीम से लगभग 100 किलोमीटर की परिधि में स्थित भीलवाड़ा और ब्यावर जिले के टॉडगढ़, रायपुर, बदनोर, करेड़ा और आसींद क्षेत्रों की लाखों की आबादी को इन दोनों अत्याधुनिक चिकित्सा भवनों से बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

एनएचएम और डीएमएफ फंड से मिल रही दो बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाएं

भारत सरकार के नेशनल हेल्थ मिशन एवं डिस्ट्रिक मिनरल फंड ट्रस्ट के बजट से भीम को कुल दो अत्याधुनिक चिकित्सा भवन मिलने जा रहे हैं। इससे क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत आधार मिलेगा और गंभीर रोगियों को बड़े शहरों की ओर रेफर करने की मजबूरी कम होगी। एनएचएम के ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज सागर पंवार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 29 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन 100 बेड का उप जिला चिकित्सालय भवन लगभग अंतिम दौर में है। आगामी वर्ष में यह भवन आमजन के लिए पूरी तरह उपलब्ध हो जाएगा।

मरीजों को ये मिलेंगी सुविधाएं

  • 10 आधुनिक इनडोर वार्ड
  • सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे एवं सोनोग्राफी
  • लाल, पीला और हरा जोन आधारित आपातकालीन व्यवस्था
  • एचडीयू कम आईसीयू एवं आइसोलेशन यूनिट
  • इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर
  • बहिरंग रोगी विभाग (ओपीडी)

यह पूरा भवन चिकित्सा विभाग द्वारा एनएचएम प्रोजेक्ट के अंतर्गत निर्मित किया जा रहा है।

50 बेड की मातृ-शिशु गहन चिकित्सा इकाई भी लगभग पूर्ण

डिस्ट्रिक मिनरल फंड ट्रस्ट के माध्यम से पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा स्वीकृत 50 बेड की मातृ एवं शिशु गहन चिकित्सा इकाई का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। यह भवन भी आगामी वर्ष में आमजन को समर्पित होने की उम्मीद है। इससे 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित तीन जिलों की प्रसूता एवं धात्री महिलाओं के साथ-साथ नवजात शिशुओं को उन्नत चिकित्सा सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकेंगी।

एमसीएच विंग में मिलेंगी ये सुविधाएं

  • 5 अत्याधुनिक वार्ड
  • शिशु रोग एवं स्त्री रोग के अलग-अलग ओपीडी
  • अल्ट्रासाउंड सुविधा
  • एचडीयू एवं प्रयोगशाला
  • 8 लेबर रूम
  • ऑपरेशन थियेटर
  • एसएनसीयू
  • काउंसलिंग सेंटर एवं पोस्ट ऑपरेशन थियेटर
Updated on:
25 Jan 2026 11:50 am
Published on:
25 Jan 2026 11:49 am
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