
राजसमंद/भीम. बीच बाजार में आबकारी विभाग के शराब गोदाम के खंडहर भवन को कतिपय लोगों ने खुर्दबुर्द कर दिया। कतिपय लोगों ने करोड़ों की बेशकीमती जमीन पर कब्जा जमाने का प्रयास किया, मगर आबकारी दल ने पहुंचकर आबकारी विभाग की सम्पत्ति होने का बोर्ड खड़ा कर दिया। सरेआम भवन ढहाते हुए मलबा, पत्थर उठा ले गए, मगर क्षेत्रीय लोगों से लेकर ग्राम पंचायत, पुलिस व प्रशासन बेखबर रहा। इससे पुलिस प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार भीम के पड़ाव क्षेत्र में आबादी के खसरा संख्या 10515 के रकबा 110 बीघा 4 बिस्वा पर आबकारी विभाग का शराब गोदाम का भवन वर्षों पुराना होकर खंडहर में तब्दील हो गया। करीब चालीस गुणा पचास फीट के आकार में बने गोदाम व भवन को अज्ञात लोगों ने ध्वस्त करते हुए मलबा, पत्थर भी हटा दिए। भवन खुर्दबुर्द होने से भीम कस्बे के लोगों के साथ आबकारी महकमे में खलबली मच गई। आबकारी थाना कामलीघाट से वृत्त निरीक्षक रविन्द्र प्रतापसिंह राठौड़ मौके पर पहुंचे, जहां भवन को तोड़ कर पत्थर, मलबा अज्ञात लोग चुरा ले गए। मौके पर कब्जे के प्रयास जाने के प्रमाण मिले, मगर उस वक्त किसी के कब्जा जमाए होना सामने नहीं आया। इसके बाद वृत्त निरीक्षक राठौड़ ने आबकारी के शराब गोदाम भवन को ध्वस्त करने पर अज्ञात लोगों के खिलाफ भीम पुलिस थाने में रिपोर्ट दी। भीम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। भीम थाना प्रभारी लाभूराम विश्नोई ने बताया कि प्रकरण दर्ज कर समग्र पहलुओं से जांच शुरू कर दी।
अंगे्रजी रियासतकाल का है भवन
देश की आजादी से पहले अंगे्रजी रिसायत में चूंगी वसूली के लिए यह नाका बनाया था। पहले इसे दाणी चबुतरा भी कहते थे, जहां चंूंगी जमा करते थे। बाद में उक्त भवन आबकारी विभाग को स्थान्तरित हो गया। आगे देसी शराब का गोदाम था और पीछे कार्मिक, अधिकारियों के आवासीय क्वार्टर बने हुए थे। फिर आबकारी का गोदाम देवगढ़ में स्थानान्तरित हो गया, तब से करीब 75 वर्षों से भवन खंडहर ही पड़ा रहा।
पहले भी उठा था मुद्दा
आबकारी शराब गोदाम की बेशकीमती जमीन कतिपय द्वारा बेचने को लेकर राजस्थान पत्रिका के चेंजमेकर अभियान की बैठक में मुद्दा उठा था। सुजावत समाज मंडला अध्यक्ष प्रेमसिंह, रावत महासभा प्रदेश संयोजक गोपाल सिंह, पूर्व सरपंच मोहनसिंह चौहान, सुरेश प्रकाश मेहता, भीकमचन्द कोठारी ने सरकारी जमीन खुर्दबुर्द होने पर सवाल उठाए। साथ ही कतिपय लोगों पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई थी। हालांकि इस संबंध में आबकारी विभाग को सूचित नहीं किया गया, जिससे कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
भवन खुर्दबुर्द, जमीन पर रोपा बोर्ड
&भीम कस्बे में आबकारी का खंडहरनुमा भवन किसी ने तोड़ डाला। मौका निरीक्षण करने के बाद जमीन पर आबकारी की सम्पत्ति होने का बोर्ड खड़ा कर दिया। साथ ही अज्ञात लोगों के विरुद्ध आबकारी शराब गोदाम का भवन ध्वस्त कर पत्थर चुराने की रिपोर्ट भीम पुलिस थाने में दे दी। फिलहाल मौक पर किसी का कब्जा नहीं है, मगर विभागीय स्तर पर भी हर पहलू से जांच करेंगे।
रविन्द्र प्रतापसिंह राठौड़, वृत्त निरीक्षक आबकारी विभाग भीम
भवन किसका, मुझे नहीं पता
&भवन वर्षों पुराना है, मगर आबकारी का है या अन्य किसी व्यक्ति। इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। इसके बारे में पटवारी ही बता सकते हैं। किसने भवन ध्वस्त किया और जमीन किसकी है। यह स्थिति पुलिस की जांच में सामने आ जाएगी।
गिरधारीसिंह रावत,
सरपंच ग्राम पंचायत भीम
अंगे्रजी रियासतकाल का है भवन
देश की आजादी से पहले अंगे्रजी रिसायत में चूंगी वसूली के लिए यह नाका बनाया था। पहले इसे दाणी चबुतरा भी कहते थे, जहां चंूंगी जमा करते थे। बाद में उक्त भवन आबकारी विभाग को स्थान्तरित हो गया। आगे देसी शराब का गोदाम था और पीछे कार्मिक, अधिकारियों के आवासीय क्वार्टर बने हुए थे। फिर आबकारी का गोदाम देवगढ़ में स्थानान्तरित हो गया, तब से करीब 75 वर्षों से भवन खंडहर ही पड़ा रहा।
पहले भी उठा था मुद्दा
आबकारी शराब गोदाम की बेशकीमती जमीन कतिपय द्वारा बेचने को लेकर राजस्थान पत्रिका के चेंजमेकर अभियान की बैठक में मुद्दा उठा था। सुजावत समाज मंडला अध्यक्ष प्रेमसिंह, रावत महासभा प्रदेश संयोजक गोपाल सिंह, पूर्व सरपंच मोहनसिंह चौहान, सुरेश प्रकाश मेहता, भीकमचन्द कोठारी ने सरकारी जमीन खुर्दबुर्द होने पर सवाल उठाए। साथ ही कतिपय लोगों पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई थी। हालांकि इस संबंध में आबकारी विभाग को सूचित नहीं किया गया, जिससे कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
भवन खुर्दबुर्द, जमीन पर रोपा बोर्ड
&भीम कस्बे में आबकारी का खंडहरनुमा भवन किसी ने तोड़ डाला। मौका निरीक्षण करने के बाद जमीन पर आबकारी की सम्पत्ति होने का बोर्ड खड़ा कर दिया। साथ ही अज्ञात लोगों के विरुद्ध आबकारी शराब गोदाम का भवन ध्वस्त कर पत्थर चुराने की रिपोर्ट भीम पुलिस थाने में दे दी। फिलहाल मौक पर किसी का कब्जा नहीं है, मगर विभागीय स्तर पर भी हर पहलू से जांच करेंगे।
रविन्द्र प्रतापसिंह राठौड़, वृत्त निरीक्षक आबकारी विभाग भीम
भवन किसका, मुझे नहीं पता
&भवन वर्षों पुराना है, मगर आबकारी का है या अन्य किसी व्यक्ति। इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। इसके बारे में पटवारी ही बता सकते हैं। किसने भवन ध्वस्त किया और जमीन किसकी है। यह स्थिति पुलिस की जांच में सामने आ जाएगी।
गिरधारीसिंह रावत,
सरपंच ग्राम पंचायत भीम