राज्य परियोजना निदेशक मातृ स्वास्थ्य एवं जिला प्रभारी डॉ. तरुण चौधरी ने राजसमंद जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा की।
राजसमंद. राज्य परियोजना निदेशक मातृ स्वास्थ्य एवं जिला प्रभारी डॉ. तरुण चौधरी ने राजसमंद जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के बाद हुई बैठक में उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिना पूर्ण समर्पण के उत्कृष्ट परिणाम संभव नहीं हैं, इसलिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करें।डॉ. चौधरी ने निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों और सुधार योग्य बिंदुओं को रेखांकित करते हुए संबंधित खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से माइक्रो मॉनिटरिंग, फील्ड विजिट और सपोर्टिव सुपरविजन की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थान स्तर के अनुसार गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित की जाएं और मैनपावर का तर्कसंगत उपयोग किया जाए।
निरीक्षण किए गए संस्थानों में पीएचसी जस्साखेड़ा, बग्गड़, बरार, मोही, ओड़ा, उपली ओडन, समीचा, गजपुर, सीएचसी खमनोर, झालो की मदार, रेलमगरा, दरीबा, बनेड़िया और जिला चिकित्सालय नाथद्वारा शामिल रहे। उन्होंने तुरंत सुधार की आवश्यकता वाले संस्थानों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस अवसर पर डॉ. हेमन्त कुमार बिन्दल (सीएमएचओ) ने फ्लैगशिप योजनाओं में लापरवाही बरतने पर सख्त चेतावनी दी और कहा कि लाडो योजना एवं मां वाउचर योजना में लंबित भुगतान को तत्काल पूरा किया जाए।
उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं को योजनाओं से लाभान्वित करने पर बल दिया।डॉ. सुरेश मीणा (जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी) ने क्षेत्रवार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को भी मानकों के अनुरूप संचालित करने पर ज़ोर दिया।बैठक में उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेन्द्र यादव, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सारांश सबल, डॉ. हितेन्द्र, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. मदनलाल मुंड सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।
सीएमएचओ डॉ. हेमन्त कुमार बिन्दल ने साकरोदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया और वहां दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने स्टाफ को सेवा सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए और संस्थान की कार्यप्रणाली को और बेहतर करने की बात कही।