
आमेट. तहसील की राछेटी ग्राम पंचायत के नाबरिया, पाटिया खेड़ा, सरेवड़ी को राजसमंद जिले से हटाकर भीलवाड़ा जिले में शामिल तथा उपखण्ड कार्यालय को गंगापुर व थाना रायपुर कर देने से नाराज बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपखण्ड कार्यायल के बाहर प्रदर्शन कर उपखण्ड अधिकारी कालूराम खोड को ज्ञापन दिया। साथ ही मांगे नहीं मानने पर आने वाले विधानसभा चुनावों में मतदान का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। उपसरपंच समुंदर सिंह चुंडावत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपखंड अधिकारी को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन देकर मांग की है कि आजादी के साथ ही उक्त तीनों गांव राजसमंद जिले में थे। परन्तु गांव वालों की स्वीकृति या जानकारी में लिए बिना ही इन गांवों को भीलवाड़ा जिले में मिला देने से ग्रामीणों को होने वाली समस्या से अवगत करवाया गया। जिसमें राजसमंद जिला मुख्यालय इन गांवों से मात्र 40 किमी पर स्थित है। जबकि भीलवाड़ा 105 किमी की दूरी पर है। राजसमन्द नजदीक होने से सभी तरह से ग्रामीणों को सुविधाएं, आराम से उपलब्ध हो रही थीं। इन गांवों के अधिकतर ग्रामीण राजसमन्द जिले में ही रोजगार करते आए हैं। शिक्षा के लिए सभी गांवों के विद्यार्थियों को दूर नहीं जाना पड़ता है। ऐसे में भीलवाड़ा जिले में इन गांवों को मिला देने से ग्रामीणों को होने वाले आर्थिक व मानसिक परेशानियों से अवगत कराया गया। बताया गया कि उक्त गांवों को फिर से राजसमन्द जिले में शामिल नहीं किया गया तो ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करते हुए आगामी विधानसभा में मतदान का बहिष्कार करेंगे। इस अवसर पर उपसरपंच समुंद्र सिंह चुंडावत, अर्जुन सिंह चुंडावत, गोपीलाल लोहार, चतर सिंह, राम लाल, सुरेश बुनकर, गिरधारी सिंह, छेल सिंह, मांगीलाल सुथार, जब्बर सिंह, शिवलाल गुर्जर, राम चन्द्र, जगु गुर्जर, लाडू राम, नाहर सिंह, दलपतसिंह, नेनाराम लोहार आदि ग्रामीण उपस्थित थे।
बारएसोसिएशन ने दिया ज्ञापन
देवगढ़/ताल. ताल को देवगढ़ थाने से भीम थाने में हस्तांतरित करने को लेकर ग्रामीणों द्वारा अटल सेवा केंद्र ताल पर धरना प्रदर्शन किया, दूसरी ओर देवगढ़ बार एसोसिएशन ने राज्य सरकार द्वारा देवगढ़ न्यायालय थाना क्षेत्र को अन्य थाना क्षेत्रों में स्थानांतरित करने के विरोध में दूसरे दिन भी न्यायिक कार्यो में भाग नहीं लिया। बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने कलक्टर श्यामलाल गुर्जर एवं जिला पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव से मुलाकात कर ज्ञापन दिया। प्रतिनिधिमंडल में बार अध्यक्ष विशम्भर सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता शांतिलाल जैन, इंद्रमल कंसारा, पूर्व बार अध्यक्ष नरेश जोशी सहित कई अधिवक्ता शामिल थे।