
पत्रिका न्यू नेटवर्क@ राजसमंद. बांसवाड़ा कोतवाली में चोरी की बाइक चलते हैड कांस्टेबल पकड़े जाने के बाद राजसमंद से चोरी हुई मोटरसाइकिल नागौर जिले के मेड़ता सिटी थाना सर्कल के कांस्टेबल द्वारा चलाए जाने का आरोप लगा है। निलंबित घोसुंडी ग्रामसेवक की शिकायत पर राजसमंद पुलिस टीम नागौर पहुंची, जहां खेत से मेड़ता सिटी के कांस्टेबल द्वारा थाने ले जाना सामने आया, जबकि मेड़ता सिटी थाने के रिकॉर्ड व मालखाने में कोई बाइक नहीं मिली। इस आधार पर आमेट पुलिस ने एफआर लगा दी, मगर ग्रामीणों के बयान और बाइक नहीं मिलना पूरे पुलिस तंत्र पर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस के अनुसार कोठारिया, नाथद्वारा निवासी तत्कालीन घोसुंडी ग्रामसेवक रतनसिंह राव की बाइक 11 फरवरी 2014 को ग्राम पंचायत कार्यालय के बाहर से चोरी हो गई। आमेट थाने में 79/2014 के तहत प्रकरण दर्ज हुआ। ढाई साल बाद 24 अगस्त 2017 को बाइक चोरी के आरोपी कावलिया, जेतारण (पाली) निवासी श्रवण पुत्र जस्साराम बावरी को आमेट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि नागौर जिले के जसवंताबाद (मेड़तासिटी) गया, जहां पेट्रोल खत्म होने पर बाइक तलाई के पास खड़ी कर चला गया और दो दिन बाद वापस गया, तो मौके पर बाइक नहीं मिली। फिर आमेट पुलिस दल नागौर के जसवंतदाबाद पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने बताया कि संदिग्ध बाइक पड़ी होने से मेड़तासिटी में सूचना दी गई। इस पर थाने से कांस्टेबल सुखराम (बेल्ट 950) मौके पर आए और बाइक ले गए। पीडि़त रतनसिंह ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर भी यही शिकायत की। इस पर आमेट थाने से पुलिस दोबारा नागौर के मेड़ता थाने पहुंचा, जहां कांस्टेबल सुखराम के पास बाइक नहीं मिली। हालांकि पुलिस द्वारा यह जांच नहीं की गई कि जसवंताबाद में संदिग्ध बाइक होने की सूचना के बाद मेड़तासिटी थाने से बाइक कौन ले ले गया, अगर कांस्टेबल लेकर आया, तो मालखाने में जमा क्यों नहीं कराई? यह सवाल आज भी खड़े है। इसको लेकर ग्रामसेवक ने दोबारा पुलिस मुख्यालय पर शिकायत दर्ज कराई है।
शपथ पत्र किए पेश
सरदारगढ़ निवासी कालूराम कीर व चालक वरदीचंद कीर ने सशपथ पत्र बताया कि 25 अगस्त 2017 को एएसआई हालसिंह के साथ नागौर जिले के जसनगर पहुंचे। वहां चार पांच लोगों ने बताया कि 15 अपे्रल 2014 को लावारिस बाइक आरजे 30एसएच 3972 मिली। सूचना पर कांस्टेबल सुखाराम ले गए। तब कांस्टेबल सुखाराम ने बताया कि बाइक मेड़ता सिटी में खड़ी की थी, नहीं मिली है तो मैं तलाश करुंगा। मुझे आरसी की कॉपी दे दो, जो दी गई।
नहीं मिली थी बाइक
हां, घोसुंडी के पूर्व ग्रामसेवक की बाइक चोरी के आरोपी गिरफ्तार हो गया था, मगर बाइक नहीं मिली। चोरी की बाइक नागौर जिले गोटन थाने के कांस्टेबल सुखराम द्वारा उपयोग में लेने की शंका पर जांच की, मगर बाइक उस कांस्टेबल के पास भी नहीं मिली।
हालसिंह, एएसआई, लावासरदारगढ़