
-प्रमोद भटनागर/मोहित माहेश्वरी
देवगढ़. प्रदेश की सरकार बदलने के साथ ही कई अधिकारी भी बदल गए, लेकिन नहीं बदली तो नगर बाजारों और मुख्य मार्गों के हालत हैं, जो आज भी पूर्ववत है। ऐसे में नगरवासियों और वाहन चालकों को आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
नगर के मारू दरवाजा से लेकर सूरज दरवाजा तक बाजार की हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। कही ंचारपहिया व दुपहिया वाहनों की बेरततीब बार्किंग तो कहीं ठेले वालों की सड़क पर मनमानी के चलते उन्हें जहां चाहे खड़े कर दिए जाते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत ठेले वालों से ही हो रही है, जो मनमर्जी से कहीं भी खड़े होकर व्यापार शुरू कर देते हैं। यही नहीं कई बार तो ये ठेले वाले चलते-चलते किसी ग्राहक के आवाज देने पर बीच सड़क पर ही ठहर कर सामान तोलने लगते हैं। ऐसे में चारपहिया तो दूर दुपहिया वाहन चालकों से लेकर राहगीरों को भी निकलने में दिक्कत होती है। ऐसें अगर कोई इन्हें नसीहत भी देने लगे तो उल्टा ये उसी से उलझ पड़ते हैं। ऐसे में कई बार नगर के मुख्य बाजारों में ही यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। बाजार की यह हालत दिनभर रहती है। बाजार में व्यस्त समय के दौरान ठेलों और चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक है, लेकिन इन्हें नियमों की पालना कराने को लेकर जिम्मेदार ही लापरवाह बने हुए हैं। ऐसे में ये जब चाहे बाजार में प्रवेश कर जाते हैं और इनकी जरा सी सुविधा कई लोगों के लिए दुविधा बन जाती है।
दुकानों के बाहर सामान भी बना है समस्या
नगर के मुख्य बाजारों में दुकानदार भी यातायात की समस्या को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। मार्ग के दोनों ओर के दुकानदार सड़क के काफी आगे तक अपनी दुकानों का सामान सजा देते हैं, जिससे सड़क काफी संकड़ी हो जाती है। इसके बाद इनके दुपहिया वाहनों की पार्किंग भी सड़कों को घेरे रहती है। नगर पालिका की ओर से पूरे बाजार में पीली पट्टी डालकर सभी दुकानदारों के वाहनों आदि की हदें तो तय कर रखी है, लेकिन इसकी पालना कराने वाला कोई नहीं है, जिससे पीली लाइन से आगे तक तो दुकानों का सामान ही दिखाई देता है।
सीएलजी में सिर्फ चर्चा
बाजार व मुख्य मार्गों की इस समस्या के बारे में सीएलजी बैठकों में भी कई बार शिकायत रखी जा चुकी है। लेकिन, वहां इस पर चर्चा और आश्वासन ही दिए जाते हैं, ठोस कार्रवाई की ओर किसी का ध्यान नहीं है। इसी तरह पालिका की ओर से भी इस मामले को लेकर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई, जिससे सभी की मनमानी चल रही है।