वारिया के समीप गलवा क्षेत्र से होकर बहने वाली चंद्रभागा नदी इन दिनों अवैध बजरी खनन की मार झेल रही है। प्रभावी कार्रवाई के अभाव में बजरी माफिया बेखौफ होकर दिन-रात खनन और परिवहन में जुटे हैं
राजसमंद. कुंवारिया के समीप गलवा क्षेत्र से होकर बहने वाली चंद्रभागा नदी इन दिनों अवैध बजरी खनन की मार झेल रही है। प्रभावी कार्रवाई के अभाव में बजरी माफिया बेखौफ होकर दिन-रात खनन और परिवहन में जुटे हैं, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप तेजी से बिगड़ रहा है और पर्यावरणीय संतुलन पर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरोध के बावजूद अवैध गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जानकारी के अनुसार, अवैध खनन की सूचना मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता फतेह लाल टेलर सहित ग्रामीण नदी किनारे पहुंचे, जहां 3-4 युवक ट्रैक्टर में बजरी भरते नजर आए। ग्रामीणों के विरोध करने पर खनन में लगे लोग विवाद पर उतारू हो गए, लेकिन कड़े प्रतिरोध के चलते मौके से फरार हो गए। घटना के बाद फतेह लाल टेलर और अन्य ग्रामीणों ने कुंवारिया पुलिस थाने में बजरी माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। साथ ही आमेट खनिज विभाग को भी लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि चंद्रभागा नदी में लंबे समय से अवैध खनन जारी है, जिससे नदी का प्राकृतिक ढांचा बिगड़ चुका है और जल प्रवाह भी प्रभावित हो रहा है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय नुकसान हो सकता है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार बजरी माफिया का नेटवर्क बेहद सक्रिय है। वे पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और जैसे ही किसी कार्रवाई की भनक लगती है, तुरंत मौके से गायब हो जाते हैं। पुलिस के लौटते ही खनन दोबारा शुरू कर दिया जाता है। कई ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट के चलते हैं और चालकों के पास वैध दस्तावेज भी नहीं होते। अवैध खनन का यह सिलसिला देर रात तक जारी रहता है।