
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर (फोटो-पत्रिका)
राजसमंद. शिक्षा विभाग में शुचिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक से ऐसे शिक्षकों और कार्मिकों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जो किसी भी प्रकार के नशे या अशोभनीय आचरण में संलिप्त पाए जाते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा मंत्री कार्यालय की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि गुटखा, तंबाकू, जर्दा, शराब या अन्य किसी भी प्रकार के नशे के आदी कार्मिकों और शिक्षकों की सूची तैयार कर भेजी जाए। इसके साथ ही अश्लील हरकतों या अनुचित व्यवहार में लिप्त कर्मचारियों के नाम भी मांगे गए हैं।प्रदेश में डीईओ को निर्देश जारी
इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ स्कूलों और कार्यालयों से ऐसे कर्मचारियों की जानकारी निर्धारित प्रपत्र में तत्काल उपलब्ध कराएं। रिपोर्ट में संबंधित कर्मचारी का नाम, एम्पलाई आईडी, पद, पदस्थापन स्थान, नशे या अनुचित आचरण का प्रकार और अब तक की गई कार्रवाई का विवरण शामिल करने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार, स्कूलों और कार्यालयों में नशे की हालत में आने या अशोभनीय व्यवहार करने की शिकायतें सामने आने के बाद इस विषय को गंभीरता से लिया गया है। खासकर छात्र-छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार या छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को देखते हुए यह पहल की गई है।
विशेषज्ञों की राय भी सामने आईइस मुद्दे पर जानकारों का कहना है कि गुटखा, जर्दा और तंबाकू का सेवन भले ही समाज में आम हो गया हो, लेकिन कार्यस्थल पर इसका उपयोग पहले से ही प्रतिबंधित है। ऐसे में स्कूल और कार्यालय परिसर में इन पर सख्ती जरूरी है। साथ ही उनका मानना है कि शराब, अफीम या अन्य नशों के आदी तथा अशोभनीय हरकतों में लिप्त कार्मिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि शिक्षा संस्थानों की गरिमा और पवित्रता बनी रहे।
Updated on:
30 Apr 2026 03:53 pm
Published on:
30 Apr 2026 03:53 pm
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