
लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद
सहकारिता, पशुपालन, आयुर्वेद सरीखे महकमों में रिक्त पदों की समस्या बताते हुए अफसरों ने नियुक्ति की मांग उठाई, तो जिले के प्रभारी मंत्री एवं सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने लाचारगी जताते हुए उल्टा प्रश्न कर लिया। मंत्री बोले कि यहां आने वाला कोई इच्छुक इंस्पेक्टर, डॉक्टर व कार्मिक हो, तो बताओ, मैं लगवा देता हूं। कुछ सोचने के बाद मंत्री बोले- ये बताओ जिस जगह ज्यादा अफसर, कार्मिक है, तो एक जिलाधिकारी ने कहा करौली, जयपुर, सीकर में जरूरत से भी ज्यादा कार्मिक-अफसर लगे हुए हैं। तब मंत्री ने लाचारगी जता दी कि वे तो यहां आएंगे नहीं। और कोई तलाशो, फिर मुझे बता देना, मैं तत्काल राजसमंद ट्रांसफर करवा दूंगा।
वे जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। प्रभारी मंत्री आंजना ने विभागवार विकास कार्यों का फीडबैक लेते हुए कहा कि सरकार के 60 दिवसीय कार्ययोजना के मुताबिक लक्ष्य तय कर कार्य पूरे किए जाएं। मंत्री ने जनसमस्याओं के प्रति अफसरों को सजग एवं संवेदनशील बनने की हिदायत देते हुए कहा कि सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण होना चाहिए। इसमें किसी भी तरह ढिलाई अब सरकार स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी। अगली समीक्षा बैठक लोकसभा चुनाव के बाद होगी, मगर हर विभाग को लक्ष्य के अनुरुप कार्य करने होंगे। पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव ने बताया कि युवाओं को पुलिस से जोडऩे की विशेष योजना शुरू की है। इसमें अब तक 800 युवा जोड़े गए हैं। गंभीर अपराधिक मामले भी कोई लंबित नहीं है। इस दौरान जिला कलक्टर अरविंद कुमार पोसवाल, अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार, जिला परिषद सीईओ गोविंदसिंह राणावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
पेयजल समस्या पर जताई चिंता
बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग अधीक्षण अभियंता निर्मल चित्तौड़ा ने कम बारिश के चलते गांवों में पेयजल समस्या के बारे में बताया। इस पर मंत्री ने कहा कि इसके लिए क्या तैयार है, जहां जरूरत है, वहां जल्द टैंकर से जलापूर्ति शुरू करें। इस पर चित्तौड़ा ने बताया कि हैंडपंप मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। गांवों में जरूरत के अनुसार टैंकर से जलापूर्ति करवाई जाएगी। खास तौर से भीम व कुंभलगढ़ क्षेत्र में पेयजल संकट ज्यादा है। पीडब्लूडी अधीक्षण अभियंता अशोक शर्मा ने बताया कि लाइबलिटी ज्यादा बढऩे से सरकार के निर्देश है कि कार्यों की गति धीमी कर दें। चल रहे कार्यों को सुरक्षित स्टेज पर लाने के निर्देश हैं। पेचवर्क व अन्य कार्य नियमित तौर पर चल रहे हैं।