राजसमंद

COURT DECISION : खुद के गुनाह की सजा दूसरे को दिलाई, अब कोर्ट ने माना दोषी

अदालत में धोखे से दूसरे को कर दिया पेश, हो गई जेल
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भीम. वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ललित डाबी ने सोमवार को शराब तस्करी के मामले में एक व्यक्ति ने उसकी जगह दूसरे को अदालत में पेश कर सजा दिलवा दी। बाद में बेगनाह के सजा काटने का खुलासा होने पर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और सुनवाई के बाद अदालत ने दोषी करार देते हुए अब उसे सात वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है।

सहायक लोक अभियोजक रेखा चौधरी ने बताया कि आरोपी पंचमुखी, दादावाड़ी (भीलवाड़ा) राजू पुत्र भोलाराम खटीक ने शराब तस्करी के मामले में खुद की बजाय हमालों का मौहल्ला, पुरानी धानमंडी (भीलवाड़ा) निवासी जाकिर मोहम्मद पुत्र अनवर मोहम्मद को अदालत में पेश कर दिया। अदालत ने जाकिर मोहम्मद को राजू समझकर आरोप न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। बाद में धोखाधड़ी का मामला सामने आने पर पुलिस ने मुख्य आरोपी राजू के खिलाफ न्यायालय में रिपोर्ट पेश कर दी। अदालत ने सुनवाई के बाद राजू खटीक को अदालत को गुमराह कर निर्दोषी को सजा दिलाने के मामले में राजू खटीक को दोषी करार देते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई है। इस मामले में राजू बनकर अदालत में पेश होने वाले जाकिर मोहम्मद व पप्पू उर्फ शरीफ फरार है।


यह था मामला
आरोपी से भारी मात्रा में शराब बरामद होने पर 17 अगस्त 2013 को राजू खटीक पुत्र भोलाराम के विरूद्ध आबकारी एक्ट में प्रकरण दर्ज हुआ। आरोपी राजू ने खुद की बजाय जाकिर मोहम्मद को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया और खुद फरार हो गया। जाकिर मोहम्मद को न्यायालय द्वारा जेल भेज दिया गया। बाद में जाकिर मोहम्मद द्वारा रुपए के लालच में राजू बनकर पेश होने एवं मुख्य मुल्जिम राजू नहीं होकर जाकिर मोहम्मद होने के रूप में उसकी पहचान सिद्ध हुई। जिस पर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

Published on:
04 Dec 2018 09:48 pm